त्रिपुरा में पूर्व उग्रवादियों ने सरकार के आश्वासन के बाद रेल एवं सड़क नाकेबंदी का आह्वान वापस लिया

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त्रिपुरा में पूर्व उग्रवादियों ने सरकार के आश्वासन के बाद रेल एवं सड़क नाकेबंदी का आह्वान वापस लिया

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 02:02 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 02:02 PM IST

अगरतला, 24 जून (भाषा) त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों के दो संगठनों ने राज्य सरकार के इस आश्वासन के बाद बुधवार को अनिश्चितकालीन रेल और सड़क नाकेबंदी का अपना आह्वान वापस ले लिया कि उचित पुनर्वास समेत उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस प्रवक्ता राजदीप देब ने कहा, ‘‘नाकेबंदी हटने के बाद से सुबह से ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात और रेलवे सेवा सामान्य है। अब तक किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।’’

‘ज्वाइंट एक्शन रिहैबिलिटेशन कमिटी’ (जेएआरसी) और ‘ज्वाइंट एक्शन कमिटी’ (जेएसी) ने यह आरोप लगाते हुए आंदोलन की घोषणा की थी कि बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को दशकों पहले हथियार डालने के बावजूद अभी तक पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है।

वे नौ सूत्री मांगों के चार्टर पर ज़ोर दे रहे हैं, जिसमें उचित पुनर्वास और उनके ख़िलाफ़ लंबित मामलों को वापस लेना भी शामिल है।

जेएआरसी के कार्यकारी अध्यक्ष पसराम रेआंग ने कहा, ‘‘कल रात हमने अपनी मांगों को लेकर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से बातचीत की और उन्होंने हमारी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना एवं गौर करने का आश्वासन दिया। इसलिए, दोनों संगठनों ने रेल और सड़क नाकेबंदी का अपना आह्वान वापस लेने फैसला किया है।’’

इस महीने के आरंभ में, प्रतिबंधित ‘नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ त्रिपुरा’ (एनएलएफटी) और ‘ऑल त्रिपुरा टाइगर फ़ोर्स’ (एटीटीएफ) के पूर्व उग्रवादियों ने मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने के बाद रेल और राजमार्ग की नाकेबंदी का अपना इसी तरह का आह्वान वापस ले लिया था।

भाषा

राजकुमार मनीषा

मनीषा