भारत और नॉर्वे ने विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए

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भारत और नॉर्वे ने विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौते किए

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 07:48 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 07:48 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओस्लो यात्रा के दौरान, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने मंगलवार को नॉर्वे के प्रमुख अनुसंधान, शैक्षणिक और औद्योगिक संगठनों के साथ कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

इन समझौतों का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में भारत और नॉर्वे के सहयोग को मजबूत करना है।

एक अधिकारी ने कहा, “इन समझौतों का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास में भारत-नॉर्वे संबंधों का विस्तार करना है, साथ ही दोनों देशों में संस्थागत साझेदारी, स्टार्टअप और उद्योग के साथ जुड़ाव, शैक्षणिक सहयोग और सतत विकास पहल को बढ़ावा देना है।”

इन समझौतों में से एक समझौता सीएसआईआर और नॉर्वे की अनुसंधान परिषद (आरसीएन) के बीच हुआ जिसमें जलवायु, स्वच्छ ऊर्जा, महासागरों और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए संयुक्त कार्यशालाओं, सहयोगी अनुसंधान और विकास परियोजनाओं और आदान-प्रदान यात्राओं की परिकल्पना की गई है।

सीएसआईआर ने नॉर्वे के प्रमुख स्वतंत्र अनुसंधान संगठन स्टिफ्टेल्सन सिंतेफ के साथ 2026-2029 के लिए एक सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जो दोनों संस्थानों के बीच 2014 के मौजूदा समझौता ज्ञापन (एमओयू) के ढांचे के तहत है।

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश

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