India France Defence Deal: अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद, इस देश के साथ बड़ी डील करने जा रहा भारत, इस क्षेत्र में करेगा अब तक की सबसे बड़ी खरीदी

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India France Defence Deal: भारक के लिए आज बहुत बड़ा दिन होने वाला है। सिर्फ भारत ही नहीं भारत की रक्षा प्रणाली के लिए भी आज का दिन बेहद महत्तवपूर्ण होने वाला है।

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 07:20 AM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 07:22 AM IST

india france deal/ image source: OBSERVER RESEARCH FOUNDATION

HIGHLIGHTS
  • PM मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात
  • आज भारत-फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ की होगी डिफेंस डील
  • डील कीमत के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी सैन्य खरीदी

India France Defence Deal: मुंबई: भारक के लिए आज बहुत बड़ा दिन होने वाला है। सिर्फ भारत ही नहीं भारत की रक्षा प्रणाली के लिए भी आज का दिन बेहद महत्तवपूर्ण होने वाला है। भारत-फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ की डिफेंस डील होगी। चलिए विस्तार से आपको पूरा मामला बताते हैं।

Biggest India Military Deal: भारत-फ्रांस के बीच 3.25 लाख करोड़ की होगी डिफेंस डील

दरअसल, भारत और फ्रांस के संबंध आज एक नए ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंचने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के बीच आज अहम बैठक होने वाली है, जिसमें रक्षा सौदे से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक मुद्दों तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। यह बैठक दोपहर 3:15 बजे मुंबई के लोक भवन में आयोजित की जाएगी और इसे रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

सबसे बड़ा आकर्षण भारत-फ्रांस के बीच प्रस्तावित 3.25 लाख करोड़ रुपये की रक्षा डील है, जिसे कीमत के लिहाज से भारत की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य खरीद बताया जा रहा है। इस डील के तहत भारत को 114 राफेल फाइटर जेट मिलेंगे, जिससे भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा होगा। इससे पहले भी भारत फ्रांस से राफेल विमान खरीद चुका है, लेकिन यह नया समझौता संख्या और लागत दोनों के लिहाज से रिकॉर्ड बनाने वाला है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति को और मजबूत करेगा।

Rafale jet purchase India: समुद्री सुरक्षा पर भी खास फोकस रहेगा

बैठक में रक्षा सहयोग के अलावा समुद्री सुरक्षा पर भी खास फोकस रहेगा। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए भारत और फ्रांस के बीच नौसैनिक सहयोग को और मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। दोनों देश पहले से ही संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करते रहे हैं और समुद्री सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और तकनीकी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।

इसके साथ ही, दोनों नेता “भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026” का उद्घाटन भी करेंगे। इसका उद्देश्य स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टेक्नोलॉजी में साझेदारी को लेकर ठोस घोषणाएं हो सकती हैं। राष्ट्रपति मैक्रों अपने भारत दौरे के दौरान दिल्ली में आयोजित होने वाले AI इम्पैक्ट समिट में भी हिस्सा लेंगे, जहां वैश्विक स्तर पर AI के प्रभाव, नैतिकता और रेगुलेशन पर चर्चा होगी।

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