नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा कि भू-राजनीतिक तनाव अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ढांचे को समक्ष खतरा पेश कर रहा है और ऐसी दुनिया में फ्रांस-भारत साझेदारी कोई विलासिता नहीं, बल्कि जीवनरेखा की तरह है।
भारत-फ्रांस विधि एवं व्यापार सम्मेलन में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से विशुद्ध रूप से राजनयिक सीमाओं से परे एक बहुआयामी संरचना पर आधारित रहे हैं, जिसमें मजबूत रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग से लेकर सतत विकास और उन्नत प्रौद्योगिकियों की साझा खोज तक सब कुछ शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है, जो पिछले दशक में दोगुने से भी अधिक हो गया है और 2009-10 में 6.4 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर पिछले वित्तीय वर्ष में 15.11 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।’’
भाषा पारुल अमित
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