नई दिल्ली। भारत की पहली महिला हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. एसआई पद्मावती ने दुनिया को अलविदा कह दिया। कोरोना की पुष्टि होने के बाद उन्हें 11 दिन पहले नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट (एनएचआई) में भर्ती कराया गया था।
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जहां समस्या और बढ़ गई। अस्पताल के सीईओ डॉक्टर ओपी यादव ने कहा कि डॉ. पद्मावती के दोनों फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो गया था जिसके कारण उनका निधन हो गया। बता दें कि महान हृदय रोग विशेषज्ञ ने अपने आखिरी दिनों तक एक सक्रिय और स्वस्थ जीवन जीया।
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2015 के अंत तक वे दिन में 12 घंटे, सप्ताह में पांच दिन एनएचआई में काम कर रही थीं। 1981 में उन्होंने एनएचआई की स्थापना की थी। उनके योगदान के कारण ही उन्हें ‘गॉडमदर ऑफ कार्डियोलॉजी’ की उपाधि दी गई थी।
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