बेंगलुरु, 26 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक में कोरोना वायरस के कम होते मामलों से संकेत मिलता है कि संक्रमण उच्च जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्रों से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो रहा है। यह कहना है जाने माने महामारीविद का।
कर्नाटक में इस महीने के शुरू में एक हफ्ते तक 10,000 से ज्यादा मामले रोज़ आ रहे थे और कुछ दिन तो 200 संक्रमितों तक की मौत हुई है। वहीं पिछले हफ्ते नए मामले कम हो कर प्रतिदिन करीब 5000-6000 पर आए। साथ में संक्रमण के कारण होने वाली मौतों की संख्या भी कम हुई ।
महामारीविद गिरिधर आर बाबू के मुताबिक, संक्रमण के मामलों और मौतों में गिरावट स्पष्ट है तथा उत्साहजनक प्रवृत्ति है।
बहरहाल कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि दैनिक मामलों में कमी का कारण अधिक संख्या में जांच करना है जिससे संक्रमण का जल्द पता चल रहा है।
भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान (पीएचएफआई- बेंगलुरू) में महामारीविद बाबू ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘ यह गिरावट संकेत करती है कि संक्रमण उच्च जनसंख्या घनत्व वाले इलाकों से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो रहा है।’
बाबू कर्नाटक सरकार की कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समूह के भी सदस्य हैं।
उन्होंने बताया कि हो सकता है कि अन्य क्षेत्रों में, उच्च जनसंख्या घनत्व नहीं हो।
वहीं कर्नाटक कोविड-19 वार रूम के प्रमुख मनीष मौडगिल ने कहा कि अधिक संख्या में जांच करने से संक्रमण के नए मामले कम हुए हैं।
उन्होंने कहा कि संक्रमण नियंत्रण में है, इसलिए नए मामले कम आ रहे हैं।
भाषा
नोमान उमा
उमा