कोलकाता, छह मई (भाषा) राज्यसभा के पूर्व सदस्य जवाहर सरकार ने बुधवार को कहा कि अगर आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले की पीड़िता की मां की चुनावी जीत से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) उक्त मामले में कार्रवाई करता है, तो उन्हें ‘‘खुशी’’ होगी।
सरकार ने मामले की जांच में हो रही कथित देरी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर जांच को आगे बढ़ाने के लिए पीड़ितों के परिजनों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होना पड़े, तो यह बेहद ‘‘दुखद’’ है।
सरकार की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की पनिहाटी सीट पर आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले की पीड़िता की मां की जीत की पृष्ठभूमि में आई है, जिन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने कोलकाता के सरकारी आरजी कर अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के दुष्कर्म-हत्या का मामला जोर-शोर से उठाया था और बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।
सरकार ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘अगर (आर जी कर मामले की पीड़िता की) मां की जीत के बाद सीबीआई आखिरकार कार्रवाई करे, तो मुझे खुशी होगी। अगर हत्या के हर मामले में सीबीआई अपना काम करे, इसके लिए पीड़ितों के माता-पिता को भाजपा में शामिल होना पड़े और चुनाव जीतना पड़े, तो यह बेहद दुखद होगा। सीबीआई को अपना कर्तव्य निभाने से किसने रोका?’’
आरजी कर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में अगस्त 2024 में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।
पूर्व नौकरशाह सरकार ने आरजी कर मामले से निपटने के तरीके और राज्य प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार का हवाला देते हुए सितंबर 2024 में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और तृणमूल कांग्रेस भी छोड़ दी थी।
भाषा धीरज पारुल
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