कन्नूर (केरलम), 20 सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पी. जयराजन ने रविवार को कहा कि केरलम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रभाव पर अंकुश लगाने का काम वाम दल ने किया है और उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार राज्य में संघ परिवार के विस्तार को बढ़ावा दे रही है।
विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार की समीक्षा के लिए कोझिकोड में हाल में हुई विस्तारित राज्य समिति की बैठक के बाद जयराजन को माकपा के राज्य सचिवालय में शामिल किया गया था।
जयराजन ने संवाददाताओं से कहा कि माकपा केरलम में आरएसएस और संघ परिवार के प्रभाव का विरोध जारी रखेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘केरलम में अपनी पैठ बनाने की आरएसएस की योजना कई दशकों से लागू की जा रही है। केरलम में आरएसएस की शाखाओं की गतिविधियां 1940 के दशक में शुरू हुई थीं। उनका दावा है कि भारत में आरएसएस की सबसे अधिक शाखा गतिविधियां केरलम में होती हैं। लेकिन केरलम गुजरात क्यों नहीं बन गया? यह मध्य प्रदेश क्यों नहीं बन गया?’’
जयराजन ने कहा कि ऐसा कांग्रेस या इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की ताकत के कारण नहीं हुआ, बल्कि माकपा के नेतृत्व में संघ परिवार की विचारधारा के खिलाफ लोगों को लामबंद कर किए गए प्रतिरोध के कारण हुआ।
उन्होंने कहा कि संघ परिवार के खिलाफ प्रतिरोध को केवल कम्युनिस्टों की भागीदारी तक सीमित नहीं रखा जा सकता और उन्होंने राज्य की पुनर्जागरण परंपरा का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी अपनी पुनर्जागरण परंपरा है-श्री नारायण गुरु, चट्टम्पी स्वामिकल और महात्मा अय्यंकाली की परंपरा। इन सभी परंपराओं में संघ परिवार का विरोध करने के लिए जरूरी विचारों के स्रोत मौजूद हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सतीशन केरलम में संघ परिवार के विस्तार को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सतीशन सरकार को सत्ता में आए अब 120 दिन से अधिक हो चुके हैं। उनके हर कदम को देखिए। केरलम में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार की ओर से ऐसा एक भी कदम नहीं उठाया गया है, जो आरएसएस और संघ परिवार के लिए अवांछनीय या अप्रिय हो।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इसके कई उदाहरण हैं, लेकिन मैं उन सभी का जिक्र नहीं करना चाहता। सतीशन और उनकी टीम केरलम में संघ परिवार को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि सतीशन के मुख्यमंत्री बनने से संघ परिवार को ‘‘बहुत खुशी’’ हुई है।
जयराजन ने यह भी आरोप लगाया कि देश में सांप्रदायिकता मजबूत हो रही है और कॉरपोरेट हितों से उसके जुड़ने के कारण यह खतरनाक हो गई है।
उन्होंने आईयूएमएल को निशाने पर लेते हुए इस सुझाव की भी आलोचना की कि हिंदू ध्रुवीकरण का मुकाबला मुस्लिम ध्रुवीकरण से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “कुछ लोग इसका उपाय मुस्लिम ध्रुवीकरण के रूप में सुझाते हैं। एक तरफ हिंदू ध्रुवीकरण और दूसरी तरफ मुस्लिम ध्रुवीकरण। इसका प्रवक्ता बनकर कौन सामने आ रहा है? मुस्लिम लीग।’’
जयराजन ने आरोप लगाया कि आईयूएमएल धीरे-धीरे भाजपा जैसी होती जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप आईयूएमएल के हर कदम को देखें, तो यह इस बात का प्रमाण है कि वह वास्तव में ‘मुस्लिम भाजपा’ में बदल रही है।’’
भाषा गोला रंजन
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