झारखंड परीक्षा प्रदर्शन : प्रदर्शनकारियों और छात्रों के बीच अब तक शुरू नहीं हुई नए दौर की बातचीत

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झारखंड परीक्षा प्रदर्शन : प्रदर्शनकारियों और छात्रों के बीच अब तक शुरू नहीं हुई नए दौर की बातचीत

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  • Publish Date - August 17, 2026 / 10:03 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 10:03 PM IST

रांची, 17 अगस्त (भाषा) झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों और सरकार के बीच सोमवार को नए दौर की बातचीत शुरू नहीं हो सकी है। इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सचिवालय में सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक की।

‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के एक नेता ने कहा, ‘‘सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ अपराह्न दो बजे मुलाकात के लिए हमें कहा गया था। हम मंत्रियों के अब तक पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।’’

प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और सीबीआई जांच की तथा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

इस बीच, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल हुए कुछ अभ्यर्थियों ने सोरेन ने परीक्षा को निरस्त नहीं करने की अपील की। वे राज्य सचिवालय के बाहर जमा हुए थे।

प्रदर्शन का सोमवार को 24वां दिन है और छह आंदोलनकारी छात्र अब भी भूख हड़ताल पर हैं।

सरकारी प्रतिनिधिमंडल से मिलने वाले छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के नेता रवींद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह और रवींद्र कुमार रवि शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों ने एक दिन पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के पुतले जलाए थे और झामुमो-कांग्रेस गठबंधन पर उनकी मांगों के संबंध में ‘‘ठोस कार्रवाई नहीं करने’’ का आरोप लगाया।

बाद में शाम को हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदर्शनकारियों को सोमवार अपराह्न दो बजे फिर से बातचीत के लिए बुलाया था।

झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने संकेत दिया कि बातचीत से कोई समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द कर दी जाएगी।’’

सिंह ने कहा, ‘‘हम कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखेंगे। अपराध जांच विभाग (सीआईडी) जांच की निगरानी अदालत करेगी। सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के वास्ते सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

भूख हड़ताल पर बैठे और सदर अस्पताल में इलाज करा रहे एक अन्य प्रदर्शनकारी राहुल क्रांति ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सोमवार की बातचीत से गतिरोध खत्म हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर सरकार सीबीआई जांच और 2019 के बाद से आयोजित विभिन्न राज्य-स्तरीय भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की हमारी मांगों को नहीं मानती है, तो आंदोलन खत्म नहीं होगा।’’

प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को घोषणा की थी कि वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और उन्होंने पूरे झारखंड के छात्रों से इस प्रदर्शन के लिए रांची में इकट्ठा होने की अपील की।

पासवान ने आरोप लगाया, ‘‘हम मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस दोनों ही हमारे साथ राजनीति कर रहे हैं।’’

प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि अगर मुख्यमंत्री उनकी चिंताओं पर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो कांग्रेस को झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए।

झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को सोरेन से छात्रों की मांगें मानने और सीबीआई जांच की उनकी मांग का समर्थन करने का आग्रह किया।

मरांडी ने कहा, ‘‘छात्र परीक्षा में अनियमितता के मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं और मुझे लगता है कि सरकार को इसका आदेश देना चाहिए। सरकार इससे क्यों डरती है?’’

उन्होंने कहा कि सरकार की लगातार ‘‘निष्क्रियता’’ के कारण अधिक से अधिक युवा और छात्र सड़कों पर उतर सकते हैं।

मुख्यमंत्री आवास के प्रस्तावित घेराव पर मरांडी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उन छात्रों को नैतिक समर्थन देगी, जो तीन सप्ताह से अधिक समय से ‘‘शांतिपूर्ण’’ तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

कांग्रेस ने कहा कि उसकी राज्य इकाई 18 अगस्त को होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेगी।

कांग्रेस की झारखंड इकाई के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा, ‘‘झारखंड के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों की चिंताओं को उठाएगी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समय-सीमा तय करने की मांग करेगी।

भाषा वैभव सुरेश

सुरेश