चंडीगढ़, तीन अगस्त (भाषा) अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की परिस्थितियों की जांच के लिए गठित आयोग की अध्यक्षता करने वाले न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह लिब्रहान का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित सूद ने बताया कि न्यायमूर्ति लिब्रहान का रविवार को यहां निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा।
न्यायमूर्ति लिब्रहान ने 1964 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की थी। अगस्त 1970 में वह पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के लिए निर्वाचित हुए और 11 फरवरी 1987 तक इसके सदस्य रहे। उन्होंने जनवरी 1976 से जून 1983 तक बार काउंसिल के सचिव के रूप में भी कार्य किया।
उन्हें 11 फरवरी 1987 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद सात जुलाई 1997 को उन्हें मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। बाद में 28 फरवरी 1998 को उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला।
न्यायमूर्ति लिब्रहान को 16 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय जांच आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
भाषा गोला रंजन
रंजन