कर्नाटक: होराट्टी के इस्तीफे पर भाजपा-जद(एस) ने राज्यपाल से शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

कर्नाटक: होराट्टी के इस्तीफे पर भाजपा-जद(एस) ने राज्यपाल से शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

कर्नाटक: होराट्टी के इस्तीफे पर भाजपा-जद(एस) ने राज्यपाल से शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
Modified Date: August 9, 2026 / 06:03 pm IST
Published Date: August 9, 2026 6:03 pm IST

बेंगलुरु, नौ अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की और विधान परिषद के सभापति बसवराज होराट्टी से कथित तौर पर जबरन इस्तीफा करवाने के मामले में मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और अन्य के खिलाफ सख्त संवैधानिक कार्रवाई की मांग की।

विपक्षी दलों ने इस घटनाक्रम को ‘‘गुंडागर्दी’’ करार दिया।

उन्होंने राज्यपाल से गैर-कानूनी तरीके से प्राप्त इस ‘‘असंवैधानिक इस्तीफे’’ को खारिज करने का आग्रह किया।

विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया, ‘‘हम आपका ध्यान कर्नाटक राज्य के एक बेहद गंभीर और चिंताजनक घटनाक्रम की ओर आकर्षित करना चाहते हैं, जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों का पूरी तरह से पतन हो चुका है तथा सत्ताधारी दल के नेता गुंडों जैसा व्यवहार कर रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद सभापति बसवराज होराट्टी ने कहा था कि वह 14 अगस्त को इस्तीफा देंगे, लेकिन मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सलीम अहमद और एस. रवि तथा अन्य उनके कार्यालय गए और ‘‘डेढ़ घंटे से अधिक समय तक वहां रहकर उन पर भारी राजनीतिक दबाव बनाया।’’

ज्ञापन में आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने गुंडों की तरह उन्हें धमकी दी और जबरन व असंवैधानिक तरीके से उनका इस्तीफा लिया। यह घटना विधानमंडल की गरिमा और संविधान की पवित्रता पर गंभीर आघात है।’’

होराट्टी ने शुक्रवार को यह दावा करते हुए पद छोड़ दिया था कि कांग्रेस सरकार ने उनसे पद छोड़ने को कहा है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस नेताओं ने उनसे कहा था कि यदि वे इस्तीफा नहीं देंगे तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।

विपक्षी नेताओं ने कहा कि उन्होंने उन पर भारी दबाव बनाया और ‘‘जबरन’’ इस्तीफा लिया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नियमों की अनदेखी करते हुए उन्होंने सभापति के निजी सचिव को बुलाया और सभापति का आधिकारिक लेटरहेड लाने को कहा।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने खुद उस लेटरहेड पर इस्तीफा टाइप करवाया और उस पर सभापति के हस्ताक्षर जबरन व असंवैधानिक रूप से ले लिए।’’

भाजपा और जद(एस) नेताओं ने राज्य के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते राज्यपाल से इस गंभीर संकट में हस्तक्षेप करने और संविधान के तहत उन्हें दी गई शक्तियों का प्रयोग करने का आग्रह किया।

उनकी मांगों में ‘‘गुंडागर्दी’’ से हासिल किए गए ‘‘असंवैधानिक इस्तीफे’’ को खारिज करना, तथा सभापति पर दबाव बनाने और विधानमंडल की स्वायत्तता को कमजोर करने के लिए मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, बी. के. हरिप्रसाद, सलीम अहमद, रवि और अन्य के खिलाफ संवैधानिक एवं कानूनी जांच के आदेश देना शामिल हैं।

भाषा

खारी दिलीप

दिलीप


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