बेंगलुरु, 21 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 22 जनवरी को राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करने से इनकार कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री एच. के. पाटिल के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में राज्यपाल से मुलाकात करने के लिए लोक भवन जाएगा।
विधि मंत्री के कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘राज्यपाल के कल संयुक्त सत्र को संबोधित करने से इनकार करने के बाद, विधि मंत्री की अगुवाई में आज शाम 5:45 बजे एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल राज भवन (लोक भवन) जाएगा।
राज्यपाल के इनकार के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं।
कर्नाटक विधानसभा का संयुक्त सत्र 22 जनवरी को शुरू होगा। केंद्र द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को ‘रद्द’ करने समेत कई मुद्दों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा-जद(एस) गठबंधन के बीच टकराव की संभावना के चलते सत्र के हंगामेदार रहने का अनुमान है।
बाईस से 31 जनवरी तक चलने वाले इस सत्र की शुरुआत बृहस्पतिवार को राज्यपाल गहलोत के परंपरागत अभिभाषण से होनी थी।
सत्तारूढ़ कांग्रेस केंद्र में भाजपा-नीत राजग सरकार के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करने की योजना बना रही है, जिसमें मनरेगा को रद्द करने पर आपत्ति जताते हुए इसे बहाल करने की मांग की जाएगी। साथ ही नए विकसित भारत-रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को रद्द करने की भी मांग की जाएगी।
भाषा जोहेब दिलीप
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