बेंगलुरु, 19 मई (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य सड़क परिवहन निगमों के कर्मचारी संघों को 20 मई से प्रस्तावित हड़ताल पर जाने से रोक दिया।
न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज और न्यायमूर्ति के मनमध राव की अवकाशकालीन पीठ ने यह अंतरिम आदेश जारी किया। पीठ एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी जिसमें यात्रियों, विशेषकर विद्यार्थियों को होने वाली कठिनाइयों पर चिंता जताई गई है।
सुनवाई के दौरान, परिवहन निगमों के वकील ने बताया कि 12.5 प्रतिशत वेतन वृद्धि पहले ही लागू की जा चुकी है और कर्मचारियों को 450 करोड़ रुपये दिये जा चुके हैं।
पीठ ने प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि वह परिवहन मंत्री या मुख्यमंत्री और वरिष्ठ सचिवों की उपस्थिति में श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों से बातचीत करे।
इस अदालती आदेश से एक दिन पहले सड़क परिवहन निगम कर्मचारी संघों की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने सरकार द्वारा उनकी मांगें पूरी न करने की स्थिति में 20 मई से अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी बस हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी।
मुख्य मांग जनवरी 2024 से कर्मचारियों के वेतन में 25 प्रतिशत की वृद्धि है।
वे पूरे बकाया भुगतान की भी मांग कर रहे हैं। सरकार ने 26 महीनों का बकाया भुगतान करने पर सहमति जताई है, लेकिन कर्मचारी पूरे 38 महीनों का बकाया, यानी 1,272 करोड़ रुपये का भुगतान एक ही किस्त में चाहते हैं।
श्रमिक मूल वेतन में 31 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) को शामिल करने के साथ-साथ दैनिक भत्ते और अन्य भत्तों में वृद्धि की भी मांग कर रहे हैं।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश