केरल विधानसभा चुनाव: पेरावूर के दुर्गम क्षेत्र में है कड़ा चुनावी मुकाबला

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केरल विधानसभा चुनाव: पेरावूर के दुर्गम क्षेत्र में है कड़ा चुनावी मुकाबला

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 05:24 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 05:24 PM IST

( के प्रवीण कुमार)

कन्नूर (केरल), 24 मार्च (भाषा) केरल में राजनीतिक रूप से संवेदनशील कन्नूर जिले का पेरावूर विधानसभा क्षेत्र एक अपेक्षाकृत शांत इलाका माना जाता है जहां अधिकतर लोग अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं।

लेकिन यह पहाड़ी क्षेत्र जिले की प्रमुख राजनीतिक ताकत मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के लिए एक कठिन इलाका बना हुआ है। इस पहाड़ी क्षेत्र में इंसान एवं वन्यजीव के बीच संघर्ष की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

केरल की सबसे जानी-मानी वामपंथी नेताओं में से एक, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा को मैदान में उतारकर, पार्टी इस पहाड़ी निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं से जुड़ने के लिए एक मजबूत प्रयास कर रही है।

हालांकि, कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि कांग्रेस के गढ़ में निवर्तमान विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ के खिलाफ उनकी उम्मीदवारी माकपा के भीतर प्रतिद्वंद्वियों द्वारा उन्हें और हाशिये पर पहुंचाने की एक चाल है।

शैलजा ऐसे दावों को खारिज करती हैं। उन्होंने पार्टी के गढ़ मट्टन्नूर सीट पर दो बार जीत हासिल की थी। वह 2021 के विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड अंतर से मट्टन्नूर क्षेत्र से विजयी रहीं।

उनका कहना है कि पार्टी ने उन्हें पेरावूर से इसलिए मैदान में उतारा है ताकि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) से यह सीट वापस जीती जा सके। इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व जोसेफ लगातार तीन बार से कर रहे हैं।

पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली पहली सरकार में सबसे प्रभावी मंत्रियों में से एक मानी जाने वाली शैलजा केरल में पार्टी के भीतर जमीनी स्तर से जुड़ी एक प्रभावशाली नेता हैं।

उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘माकपा सिर्फ आसान जीत के लिए उम्मीदवार नहीं चुनती है। पार्टी उन सीटों को वापस जीतने के लिए भी उम्मीदवार उतारती है जहां पार्टी हार चुकी है।’’

पेरावूर में ईसाई आबादी काफी बड़ी है, जिनमें ज्यादातर त्रावणकोर क्षेत्र से आए प्रवासी किसान हैं।

शैलजा ने कहा, ‘‘ मैं मूल रूप से पेरावूर की हूं और यहीं से मैंने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया। मुझे विश्वास है कि इस बार लोग पिनराई सरकार को तीसरा मौका देने के लिए मेरे साथ खड़े होंगे।’’

उन्होंने माना कि चुनावी टक्कर जबर्दस्त होगी।

जोसेफ भी अपनी चौथी जीत को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं विधायक के तौर पर हर समय अपने निर्वाचन क्षेत्र में मौजूद रहता हूं और लोग जानते भी हैं कि मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष हूं।’’

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश