तिरुवनंतपुरम/त्रिशूर, 22 जनवरी (भाषा) कांग्रेस और भाजपा की युवा इकाइयों के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को शबरिमला सोना चोरी मामले के खिलाफ तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर में प्रदर्शन किया। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। यह प्रदर्शन लगभग एक घंटे तक चला।
तिरुवनंतपुरम में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने भगवान अयप्पा मंदिर से सोने की कथित चोरी मामले में कार्रवाई की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने शबरिमला मंदिर से सोने की कथित चोरी के मामले और राज्य के मत्स्य पालन मंत्री साजी चेरियन की हालिया विवादास्पद टिप्पणियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मंत्री चेरियन ने 18 जनवरी को दिए अपने बयान में कहा था कि जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बहुसंख्यक सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहा है वहीं कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी पार्टी मुस्लिम लीग भी राज्य में अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता को प्रोत्साहित कर रही है।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन पर ‘विभाजनकारी टिप्पणी’ करने का आरोप लगाते हुए मंत्री चेरियन ने यह भी कहा था कि कासरगोड नगरपालिका चुनावों के परिणामों से पता चलता है कि मुस्लिम लीग और भाजपा ने अधिक सीटें हासिल कीं जबकि कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) जैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहीं।
इस बीच, त्रिशूर में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए, जहां भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने शबरिमला सोना चोरी मामले को लेकर जिला कलेक्टर के कार्यालय तक मार्च किया।
शबरिमला सोना चोरी मामला मंदिर के द्वारपालों (अभिभावक देवताओं) की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजे की चौखट से सोने की कथित हेराफेरी से संबंधित है।
इस मामले की पड़ताल कर रहे विशेष जांच दल ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
भाषा प्रचेता शफीक
शफीक