हैदराबाद, 24 जनवरी (भाषा) तेलंगाना में आवारा कुत्तों को कथित तौर पर जान से मारने की एक और घटना सामने आई है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का दावा है कि जगित्याल जिले में करीब 300 कुत्तों को मार दिया गया।
कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि हालिया घटना के बाद राज्य में अब तक इस तरह की घटनाओं में मारे गए कुत्तों की संख्या 900 तक पहुंच गई है।
आरोप है कि कुत्तों को मारने का यह कृत्य सरपंच समेत कुछ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के इशारे पर किया गया है। कहा जा रहा है कि दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से किए गए वादों के तहत आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया।
ताजा मामला 22 जनवरी को पेगाडापल्ली गांव से सामने आया, जहां शिकायत दर्ज कराई गई कि 300 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया।
शिकायत में गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव को इस जघन्य कृत्य के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। आरोप लगाया गया है कि सरपंच ने आवारा कुत्तों को मारने के लिए कुछ लोगों को यह काम सौंपा था।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
निरीक्षक सी. किरण ने बताया कि जांच के दौरान कब्र से करीब 70 से 80 कुत्तों के शव निकाले गए हैं। प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि इन्हें करीब तीन से चार दिन पहले दफनाया गया था।
उन्होंने कहा, “इस स्तर पर हम घटना में आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि नहीं कर सकते।”
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और मामले में जांच जारी है।
जनवरी में ही राज्य में आवारा कुत्तों को मारने की कई घटनाएं सामने आई हैं।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से दर्ज कराई गई एक अन्य शिकायत के अनुसार, 19 जनवरी को हैदराबाद के पास याचारम गांव में 100 कुत्तों को कथित तौर पर जहर देकर मार दिया गया था, हालांकि तत्काल मौके से 50 मरे हुए कुत्ते बरामद हुए थे।
इससे पहले इसी महीने हनमकोंडा जिले में श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में करीब 300 आवारा कुत्तों की कथित तौर पर मारे जाने के मामले में पुलिस ने दो महिला सरपंचों और उनके पतियों सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एक अन्य घटना में कामारेड्डी जिले में करीब 200 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर मारने के मामले में पांच ग्राम सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
भाषा
खारी सुरेश
सुरेश