तिरुवनंतपुरम, 27 अप्रैल (भाषा) तिरुवनंतपुरम की एक अदालत ने प्रयागराज कुंभ मेला के दौरान सभी का ध्यान आकृष्ट करने वाली उस लड़की के कथित तौर पर कम उम्र में शादी को लेकर सोमवार को मध्य प्रदेश पुलिस से रिपोर्ट मांगी, जिसने अपने एक मुस्लिम दोस्त से केरल के एक मंदिर में शादी कर ली थी।
स्थानीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत (पॉक्सो अधिनियम) के न्यायाधीश शिबू एम.पी. ने महेश्वर पुलिस थाने के प्रभारी को 20 मई से पहले रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत नेय्याट्टिनकारा के पी. नागराज की उस याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन, शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी, राज्यसभा सदस्य ए ए रहीम, युवती से शादी करने वाले मोहम्मद फरमान खान, पूवर अरुमन्नूर नयनार देवी मंदिर के अध्यक्ष एन हरेंद्रन और सचिव अजीत कुमार के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज करने का अनुरोध किया गया था।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि माकपा नेताओं और मंदिर के पदाधिकारियों ने इस शादी में सहयोग किया था। उन्होंने शादी रद्द करने और पुलिस को इसमें शामिल लोगों की विस्तृत जांच करने का आदेश देने का भी अनुरोध किया है।
याचिका पर विचार करते हुए अदालत ने पाया कि मध्य प्रदेश के महेश्वर पुलिस थाने में शादी संबंधी एक मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है और जांच की जा रही है। इसलिए अदालत ने महेश्वर पुलिस थाने के प्रभारी से 20 मई को याचिका पर अगली सुनवाई के दौरान रिपोर्ट तलब किया।
केरल उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश निवासी खान को मध्य प्रदेश पुलिस मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है।
खान और लड़की ने दावा किया है कि उनके खिलाफ एक झूठा मामला दर्ज किया गया है। लड़की ने कहा है कि उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है। दोनों ने पुलिस सुरक्षा की भी मांग की है और आरोप लगाया है कि उन्हें जबरन मध्य प्रदेश ले जाए जाने का भय है।
मध्य प्रदेश पुलिस का एक दल हाल ही में लड़की और खान से पूछताछ करने के लिए कोच्चि पहुंचा था, लेकिन प्रक्रिया पूरी किए बिना ही लौट गया था।
भाषा अमित सुरेश
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