केरल : महिला लीग की नेता ने एलडीएफ उम्मीदवार के लिए ‘मुनाफिक’ शब्द का इस्तेमाल किया

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केरल : महिला लीग की नेता ने एलडीएफ उम्मीदवार के लिए ‘मुनाफिक’ शब्द का इस्तेमाल किया

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 05:30 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 05:30 PM IST

कासरगोड, पांच अप्रैल (भाषा)केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान महिला लीग की एक नेता द्वारा कासरगोड विधानसभा क्षेत्र में सत्तारूढ़ एलडीएफ के उम्मीदवार के खिलाफ ‘मुनाफिक’ शब्द का इस्तेमाल किये जाने के बाद विवाद पैदा हो गया है।

अरबी शब्द ‘मुनाफिक’ का अर्थ कथित तौर पर ‘पाखंडी’ या इस्लामी संदर्भ में ऐसे ‘व्यक्ति के लिए किया जाता है, जो आस्था के मामलों में ढोंग करता’’ है।

महिला लीग की जिला सचिव आयशात फरसाना ने हाल ही में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ)उम्मीदवार शनावास पडूर का जिक्र करते हुए कथित तौर पर इस शब्द का इस्तेमाल किया।

महिला लीग, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की महिला शाखा है। इस चुनाव में आईयूएमएल, कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की घटक है।

फरसाना के बयान का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है जिसमें वह पडूर पर बार-बार राजनीतिक निष्ठा बदलने का आरोप लगाती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह कहती हुई सुनाई दे रही हैं कि पडूर चुनावी लाभ हासिल करने के लिए ‘‘दिन के अलग-अलग समय पर अलग-अलग झंडे उठाते हैं’’।

वीडियो में फरसाना को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की एक पुरानी टिप्पणी का हवाला देते हुए भी सुना जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कासरगोड की जनता जानती है कि ऐसे व्यक्तियों को कैसे जवाब देना है।

पडूर ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए रविवार को कहा कि वह महिलाओं का सम्मान करते हैं और इस टिप्पणी को संभवतः ‘‘उत्तेजना में जुबान फिसलने’’ की घटना करार दिया।

पडूर ने हालांकि,आरोप लगाया कि इस तरह के बयान अक्सर चुनावों के दौरान मुस्लिम महिला मतदाताओं को ‘‘प्रभावित करने और गुमराह करने के लिए कुछ संगठनों की ओर से किये जाने वाले प्रयासों का हिस्सा’’ होते हैं।

एलडीएफ उम्मीदवार ने कहा कि ये टिप्पणियां चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हैं। उन्होंने पुष्टि की कि निर्वाचन आयोग से इस मामले की शिकायत की गई है।

पडूर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबंध होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप ‘राजनीति से प्रेरित’ हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस तरह के आरोप आमतौर पर मतदान से चंद दिन पहले लगाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में ये पहले ही सामने आ गए हैं, जो उनके विरोधियों की ‘‘चिंता’’ को दर्शाते हैं।

एलडीएफ सूत्रों के मुताबिक, फरसाना का यह भाषण ‘चरित्र हनन’ का जानबूझकर किया गया प्रयास था। उन्होंने बताया कि इस मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है।

केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना चार मई को होगी।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप