तिरुवनंतपुरम, 21 जनवरी (भाषा) केरल के संस्कृति मंत्री साजी चेरियन ने कासरगोड नगरपालिका और मलप्पुरम चुनाव परिणामों से संबंधित अपना बयान बुधवार को वापस ले लिया और बयान से लोगों को पहुंची पीड़ा को लेकर खेद व्यक्त किया।
चेरियन ने कहा कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और इस तरह से दिखाया गया कि वे एक विशेष समुदाय के खिलाफ हैं।
उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने उनकी टिप्पणियों को लेकर उन पर और वामपंथी सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है।
विवाद तब शुरू हुआ जब चेरियन ने रविवार को कहा कि आरएसएस जहां एक ओर बहुसंख्यक सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम लीग अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता को प्रोत्साहित कर रही है।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन पर ‘विभाजनकारी टिप्पणी’ करने का आरोप लगाते हुए चेरियन ने कहा था कि कासरगोड नगरपालिका चुनावों के परिणामों से पता चलता है कि मुस्लिम लीग और भाजपा ने अधिक सीटें हासिल कीं, जबकि कांग्रेस और माकपा जैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहीं।
उन्होंने मलप्पुरम जिला पंचायत चुनावों का भी जिक्र किया, जहां मुस्लिम लीग का स्पष्ट वर्चस्व है।
उन्होंने कहा था, ‘‘मलप्पुरम जिला पंचायत चुनावों में जीतने वालों के नाम पढ़िए। क्या हमारे राज्य के हालात उस दिशा में बढ़ने चाहिए?’’
कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मंत्री की टिप्पणियों को पिछले महीने हुए स्थानीय निकाय चुनावों में कासरगोड नगरपालिका और मलप्पुरम जिले में मुस्लिम लीग के उम्मीदवारों की जीत के संदर्भ में लिया।
बुधवार को एक बयान में चेरियन ने कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के अभियान ने उन्हें ‘बहुत पीड़ा’ और उनके द्वारा जीवन भर अपनाए गए धर्मनिरपेक्ष रुख को ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘ वर्तमान में जो तथ्यात्मक रूप से गलत दुष्प्रचार किया जा रहा है उसने मेरे उस धर्मनिरपेक्ष रुख को गहरी चोट पहुंचाई है जिस पर मैं कायम हूं।’’
विवाद से हुई पीड़ा का जिक्र करते हुए चेरियन ने कहा कि इस दुष्प्रचार ने कई लोगों को परेशान किया है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनका वह सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपना बयान वापस लेते हैं।
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए चेरियन ने कहा कि उन्होंने देश भर में अल्पसंख्यक समुदायों पर होने वाले हमलों का लगातार विरोध किया है। चेरियन माकपा के राज्य सचिवालय के सदस्य भी हैं।
भाषा शोभना नरेश
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