केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,205 नए मामले सामने आए, कर्नाटक में निगरानी बढ़ाने के निर्देश

केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,205 नए मामले सामने आए, कर्नाटक में निगरानी बढ़ाने के निर्देश

केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,205 नए मामले सामने आए, कर्नाटक में निगरानी बढ़ाने के निर्देश
Modified Date: November 29, 2022 / 08:32 pm IST
Published Date: December 22, 2021 7:16 pm IST

तिरुवनंतपुरम/बेंगलुरु 22 दिसंबर (भाषा) केरल में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3,205 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 52,13,943 हो गई। राज्य में में बीते तीन दिन में प्रतिदिन संक्रमण के 3 हजार से कम मामले सामने आए थे।

वहीं, कर्नाटक ने जिलों को निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है।

केरल की सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य में 383 और लोगों की मौत होने के बाद मृतकों की कुल संख्या 45,538 हो गई। 383 में से 36 मौतें बीते कुछ दिन में दर्ज की गईं। केंद्र के नए दिशानिर्देशों और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के आधार पर अपील प्राप्त करने के बाद 347 मौतों को कोविड-19 से हुई मौतों के रूप में दर्ज किया गया।

मंगलवार से 3,012 और लोगों के संक्रमण से उबरने के बाद ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या 51,51,715 हो गई। उपचाराधीन रोगियों की संख्या 27,842 है।

बीते 24 घंटे में 56,388 नमूनों की जांच की गई है।

वहीं, कर्नाटक में ओमीक्रोन के मामले सामने आने के मद्देनजर राज्य सरकार ने बुधवार को जिला अधिकारियों तथा स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रसार को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया।

जिला और स्वास्थ्य अधिकारियों को जारी एक परिपत्र में, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण टी. के. अनिल कुमार ने कहा कि तेजी से फैलने वाले ओमीक्रोन स्वरूप के 19 मामलों का पता चला है और अगर स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो मामले बढ़ सकते हैं।

कुमार ने अपने परिपत्र में कहा, ‘निगरानी, ​​रोकथाम के प्रयासों से अब तक प्राप्त हुए लाभ को बरकरार रखने के लिए और राज्य में कोविड-19 की तीसरी लहर को आने से रोकने के लिए कोविड-19 रोगियों के प्रारंभिक और द्वितीय संपर्कों का पता लगाना और उन्हें पृथक करना आवश्यक है।”

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद 24 घंटे के भीतर उसके प्रारंभिक और द्वितीय संपर्कों की पहचान जानी चाहिए। प्रारंभिक संपर्कों की संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद पहले दिन और फिर आठवें दिन जांच की जानी चाहिये।

भाषा जोहेब उमा

उमा


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