तिरुवनंतपुरम, 24 सितंबर (भाषा) केरलम में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) की ओर से ‘केरल राज्य खेल परिषद’ के मुख्यालय और इसके 14 जिला खेल परिषद कार्यालयों में की गई औचक जांच में धन के उपयोग, खरीद प्रक्रिया और खेल उपकरणों के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं का पता चला है।
वीएसीबी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि ‘‘ऑपरेशन कलिक्कलम’’ (ऑपरेशन प्लेग्राउंड) नाम से यह जांच बुधवार को सतर्कता विभाग की ‘‘प्रोजेक्ट जीरो’’ पहल के तहत की गई, जिसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का पता लगाना तथा उन्हें रोकना है।
बयान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ज्यादातर जिला खेल परिषदें, पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल अभियान (पीवाईकेकेए) योजना के तहत मिले धन का निर्धारित समय में पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर सकीं, जबकि राज्य खेल परिषद उचित पर्यवेक्षण करने में विफल रही।
वीएसीबी ने बताया कि जिला चैंपियनशिप में अर्हता हासिल नहीं करने वाले खिलाड़ियों को कथित तौर पर राज्य चैंपियनशिप में भाग लेने की अनुमति दी गई।
इसके अलावा विभिन्न मदों से खरीदे गए खेल उपकरणों को गोदामों में रखा गया और उनका उचित वितरण या इस्तेमाल नहीं किया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि कई जिलों में खिलाड़ियों से पंजीकरण शुल्क यूपीआई के जरिए लिया गया, लेकिन उचित रसीद जारी नहीं की गई।
वहीं, ठेके देने और सामान खरीदने में कथित तौर पर निविदा या कोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
वीएसीबी ने कहा कि राशि जारी करने से जुड़े कई वाउचर में केवल राशि दर्ज थी, अन्य विवरण नहीं थे।
वीएसीबी के अनुसार, तिरुवनंतपुरम स्थित राज्य खेल परिषद मुख्यालय में खेल छात्रावास छोड़ चुके खिलाड़ियों के नाम अब भी उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज थे और उनके लिए खर्च का प्रावधान किया जा रहा था। खरीदे गए खेल उपकरणों को स्टॉक रजिस्टर में सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि एक सलाहकार की नियुक्ति कथित तौर पर सरकार की औपचारिक मंजूरी के बिना की गई और राज्य खेल परिषद के एक पूर्व अध्यक्ष को विभिन्न भत्तों का भुगतान स्पष्ट मंजूरी आदेशों के बिना किया गया।
वीएसीबी ने कहा कि ‘पीटी उषा कोचिंग सेंटर’ में स्थायी रूप से रह रहे एक तकनीकी अधिकारी को जुलाई 2022 से मई 2026 तक वेतन के साथ मकान किराया भत्ता भी दिया गया। नेशनल गेम्स अकादमी से मिले बड़ी मात्रा में खेल उपकरण, जिन्हें वितरित नहीं किए गए सामान के रूप में दर्ज किया गया था, जांच के दौरान नहीं मिले। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज पांच लैपटॉप भी गायब पाए गए।
बयान के अनुसार, अलप्पुझा में 2.22 लाख रुपये के खेल उपकरण कथित तौर पर बिना निविदा प्रक्रिया के खरीदे गए, जबकि राजा केशवदास स्विमिंग पूल के लिए जरूरी 12 लाख रुपये के रसायन भी कथित तौर पर बिना निविदा और उचित स्टॉक प्रविष्टि के खरीदे गए।
कोट्टायम में एक ही इनडोर स्टेडियम के लिए अलग-अलग किराया दरें वसूले जाने और यूपीआई के जरिए पंजीकरण शुल्क लेकर रसीद नहीं देने की बात सामने आई। एर्नाकुलम में ‘किक ड्रग्स’ योजना के तहत प्राप्त 93 खेल किट ‘स्टॉक रजिस्टर’ में दर्ज किए बिना रखे पाए गए।
वीएसीबी ने बताया कि त्रिशूर में जिला खेल परिषद के अधीन ‘तैराकी परिसर’ की 10 दुकानों को कथित तौर पर किराया वसूले बिना मुफ्त में दिया गया। कोझिकोड में कई परियोजनाओं से जुड़ी फाइलें गायब मिलीं और जिला खेल परिषद के कमरों को किराये पर देने से प्राप्त 1.30 करोड़ रुपये की सुरक्षा जमा को कथित तौर पर अन्य मद में इस्तेमाल किया गया।
कासरगोड में 2025 की जिला स्तरीय तीरंदाजी चैंपियनशिप में अर्हता हासिल नहीं करने वाले दो खिलाड़ियों को कथित तौर पर राज्य चैंपियनशिप में भाग लेने की अनुमति दी गई।
वीएसीबी निदेशक मनोज अब्राहम ने कहा कि ‘ऑपरेशन कलिक्कलम’ के दौरान सामने आई अनियमितताओं की विस्तृत जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा संतोष
संतोष