नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव सैयद नासिर हुसैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि लद्दाख में पिछले साल 24 सितंबर को हुई हिंसा में चार युवकों की मौत के मामले से संबंधित न्यायिक जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
पार्टी के लद्दाख प्रभारी ने यह भी कहा कि मोदी सरकार को इस केंद्रशासित प्रदेश की मांगों को लेकर ‘‘सार्थक और सद्भावनापूर्ण’’ बातचीत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में चार युवकों त्सेवांग थारचिन, जिग्मेत दोरजे, स्टैनजिन नामग्याल और रिनचेन दादुल की मौत हुई थी। इन युवकों का बलिदान भुलाया नहीं जाएगा और उनके परिवारों के प्रति कांग्रेस अपनी एकजुटता व्यक्त करती है।’’
हुसैन ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद क्षेत्र के लोगों को उनके हितों की रक्षा के लिए कई आश्वासन दिए गए थे, लेकिन करीब सात साल बाद भी ये आश्वासन पूरे नहीं हुए हैं।
उन्होंने कहा कि लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने, पूर्ण लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थापना तथा विधानसभा गठित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘लद्दाख के लोग अपनी जमीन, रोजगार, पर्यावरण, संस्कृति और पहचान की सुरक्षा के लिए छठी अनुसूची का संरक्षण चाहते हैं। क्षेत्र में अभी भी निर्वाचित विधानसभा नहीं है और युवाओं के लिए रोजगार तथा आरक्षण से जुड़े मुद्दे भी लंबित हैं।’’
हुसैन ने कहा कि स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों का विस्तार लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का विकल्प नहीं हो सकता।
उन्होंने केंद्र से लद्दाख के लोगों के साथ बिना किसी पूर्व शर्त के संवाद करने और ‘‘उचित समय’’ का आश्वासन देने के बजाय ठोस कदम उठाने की मांग की।
भाषा हक मनीषा
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