KP Unnikrishnan passes away: पूर्व केंद्रीय मंत्री का निधन, पिछले कई दिनों से चल रहा था इलाज, माने जाते थे इंदिरा गांधी के विश्वासपात्र

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KP Unnikrishnan passes away: पूर्व केंद्रीय मंत्री का निधन, पिछले कई दिनों से चल रहा था इलाज, माने जाते थे इंदिरा गांधी के विश्वासपात्र

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  • Publish Date - March 3, 2026 / 12:26 PM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 12:30 PM IST

KP Unnikrishnan passes away | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • के.पी. उन्नीकृष्णन का 89 वर्ष की आयु में निधन हुआ
  • वडकरा से लगातार छह बार लोकसभा सांसद रहे
  • वी.पी. सिंह सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए खाड़ी युद्ध के दौरान भारतीयों की निकासी की निगरानी की

कोझिकोड: KP Unnikrishnan passes away भारतीय राजनीति में 1980 और 1990 के दशक के दौरान प्रमुख चेहरों में शामिल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री के.पी. उन्नीकृष्णन का मंगलवार तड़के कोझिकोड में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। उनके परिवार ने यह जानकारी दी। उन्नीकृष्णन के परिजनों के अनुसार, वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों के इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

KP Unnikrishnan passes away वडकरा से लगातार छह बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए उन्नीकृष्णन ने 1989-90 में वी पी सिंह सरकार के मंत्रिमंडल में केंद्रीय भूतल परिवहन और संचार मंत्री के रूप में प्रभार संभाला था। मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने खाड़ी युद्ध के समय भारतीयों की निकासी की निगरानी की। पत्रकार के रूप में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत करने वाले उन्नीकृष्णन 1971 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में वडकरा से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने 1977, 1980, 1984, 1989 और 1991 में भी इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

उन्होंने 1981 से 1984 के बीच संसद में कांग्रेस (सेक्युलर) के नेता के रूप में कार्य किया और 1980 से 1982 तक लोक लेखा समिति के सदस्य रहे। उन्नीकृष्णन एक समय इंदिरा गांधी के विश्वासपात्र माने जाते थे। हालांकि, बाद में राजनीतिक मतभेदों के कारण उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। इसके बाद वह कांग्रेस (यू) और कांग्रेस (एस) में सक्रिय रहे। लेकिन 1995 में फिर से कांग्रेस से जुड़ गए। बीस सितंबर, 1936 को जन्मे उन्नीकृष्णन ने चेन्नई के मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की और वहीं से कानून की डिग्री हासिल की। इस दौरान वह सोशलिस्ट पार्टी और बाद में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से जुड़े रहे। उन्होंने 1960 के दशक में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी और 1962 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य बने।

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के.पी. उन्नीकृष्णन का निधन कब और कहाँ हुआ?

उनका निधन मंगलवार तड़के कोझिकोड में हुआ।

वह कितनी बार लोकसभा सांसद चुने गए थे?

वह वडकरा से लगातार छह बार लोकसभा सांसद चुने गए थे।

उन्होंने किस मंत्रालय का प्रभार संभाला था?

1989-90 में वी.पी. सिंह सरकार में केंद्रीय भूतल परिवहन और संचार मंत्री रहे।