एलडीएफ सरकार केंद्रीय योजनाओं से कन्नी काटकर केरल को कर्ज के जाल की ओर बढ़ा रही है: कुरियन

एलडीएफ सरकार केंद्रीय योजनाओं से कन्नी काटकर केरल को कर्ज के जाल की ओर बढ़ा रही है: कुरियन

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 07:27 PM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 07:27 PM IST

कोट्टयम (केरल), 17 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने शनिवार को आरोप लगाया कि केरल कर्ज के एक खतरनाक जाल की ओर बढ़ रहा है, लेकिन राज्य सरकार केंद्रीय योजनाओं से कन्नी काट रही है तथा अपनी आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए कर्ज पर निर्भर है।

कुरियन ने यहां पत्रकारों से कहा कि जब वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार सत्ता में आई थी, तब राज्य का कर्ज लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले 10 वर्षों में यह 230 प्रतिशत बढ़कर लगभग पांच लाख करोड़ रुपये हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जहां तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य केंद्र सरकार की योजनाओं का कुशलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं एवं केंद्रीय निधि प्राप्त कर रहे हैं, वहीं केरल सरकार का रुख यह है कि उसे केंद्रीय योजनाओं की आवश्यकता नहीं है और केवल उधार लेना ही पर्याप्त है।

कुरियन ने कहा कि सर्वांगीण राष्ट्रीय विकास के प्रति नरेन्द्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना में परिलक्षित होती है, जो रोजगार से जुड़ी एक प्रोत्साहन योजना है तथा उसका उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना और आर्थिक विकास को गति देना है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना के तहत केंद्र सरकार की पहलों से रोजगार गारंटी कार्यक्रमों के विस्तार समेत समाज के बुनियादी वर्गों को मजबूती मिली है।

मंत्री ने कहा कि 2013 तक, इस योजना के तहत केवल 36 दिनों का काम 162 रुपये की दैनिक मजदूरी के साथ उपलब्ध होता था, जबकि मोदी सरकार के तहत कार्यदिवसों की संख्या बढ़ाकर 125 कर दी गई है और दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 369 रुपये की गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र ने रोजगार योजना के लिए विशेष रूप से लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है तथा यह कार्यक्रम उन राज्यों को सहयोग पहुंचाने के लिए बनाया गया है, जो विकास में पिछड़ रहे हैं।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश