मालवीय नगर अग्निकांड: आप और कांग्रेस ने दमकल विभाग की कार्रवाई में देरी का लगाया आरोप

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मालवीय नगर अग्निकांड: आप और कांग्रेस ने दमकल विभाग की कार्रवाई में देरी का लगाया आरोप

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 05:14 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 05:14 PM IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने मालवीय नगर के एक होटल में बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे लगी भीषण आग की घटना में दमकल विभाग की कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया है। इस हादसे में विदेशी नागरिकों सहित कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है।

मालवीय नगर से आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक और पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सोमनाथ भारती ने दावा किया कि दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर करीब एक घंटा देरी से पहुंचीं। यह आग दक्षिण दिल्ली के भीड़भाड़ वाले हौज रानी इलाके में एक पांच मंजिला इमारत में स्थित ‘फ्लरिश स्टे’ बेड-एंड-ब्रेकफास्ट होटल में लगी थी।

भारती ने कहा, ‘बचाव दलों को रवाना किया गया था, लेकिन दमकल विभाग को घटना के कुछ ही मिनटों के भीतर पहुंचना चाहिए था, जबकि दमकल केंद्र घटनास्थल से महज तीन मिनट की दूरी पर है, फिर भी गाड़ियां लगभग एक घंटे बाद पहुंचीं।’’ उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासी सक्रिय थे और उनके प्रयासों के कारण कई जानें बचाई जा सकीं। ‘‘अगर दमकल की गाड़ियां समय पर आ जातीं, तो हम कई और जिंदगियां बचा सकते थे।’

आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले तीन महीनों में यह तीसरी बड़ी आग की घटना है जहां सरकार की लापरवाही साफ देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इससे पहले फरवरी में एक हादसे में नौ लोग जिंदा जल गए थे, तब दमकल की गाड़ियां तो आईं लेकिन उनके उपकरण काम नहीं कर रहे थे। ‘‘यह सरकार की ओर से आपराधिक लापरवाही है।’’

घटनास्थल का दौरा करने के बाद दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा, ‘इस मामले में दमकल विभाग पूरी तरह विफल रहा है। पिछले कुछ दिनों में ऐसी कई अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इससे पहले पालम और विवेक विहार में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। होटल को केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन यहां लगभग 20 कमरे संचालित किए जा रहे थे; यह सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है।’

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, ‘‘मालवीय नगर में आग लगने से 20 लोगों की जान जाने की खबर बहुत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और घायल लोग जल्द स्वस्थ हों।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सवाल यह है कि दिल्ली में बार-बार हो रहे अग्निकांडों और मासूम लोगों की मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? भाजपा सरकार के तहत आखिर फायर सेफ्टी (ऐसी घटनाओं से सुरक्षा के लिए) व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों हो गई है?’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हादसे के बाद सिर्फ बयान आते हैं, लेकिन जवाबदेही कहीं नजर नहीं आती। ‘‘लोगों की जान की कीमत पर यह लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं है।’’

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, होटल को दिल्ली सरकार की बेड-एंड-ब्रेकफास्ट नीति के तहत केवल छह कमरों की अनुमति दी गई थी, लेकिन वहां 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। यहां तक कि बेसमेंट में भी कमरे बना दिए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि होटल में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था और उसकी दमकल विभाग की एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) भी जांच के दायरे में है।

पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है।

भाषा सुमित मनीषा

मनीषा