पालनपुर, 11 जुलाई (भाषा) गुजरात के बनासकांठा जिले की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2020 में एक करोड़ रुपये मूल्य की 16.57 किलोग्राम चरस बरामदगी के मामले में एक व्यक्ति को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 13 अक्टूबर 2020 को पालनपुर के निकट एक वाहन से 16.57 किलोग्राम चरस बरामद की थी और इस मामले में मुंबई निवासी फहीम बेग तथा महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर निवासी समीर अहमद शेख नागोरी को गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों ने बताया कि जमानत मिलने के बाद फहीम बेग फरार हो गया था।
एटीएस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश डी. एस. श्रीवास्तव ने सात जुलाई को नागोरी को दोषी करार दिया।
विज्ञप्ति के अनुसार, अदालत ने नागोरी को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज, विशेषकर युवाओं के लिए गंभीर खतरा है। अदालत ने कहा कि बरामद मादक पदार्थ की मात्रा, अपराध की गंभीरता और समाज पर उसके प्रभाव को देखते हुए आरोपी को कड़ी सजा दी गई है।
एटीएस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि मुख्य आरोपी इमरान मलिक को कुछ दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया था और उसने बताया था कि उसे लुधियाना से दवाइयों की खेप लाने के लिए भेजा गया था और इसके बदले उसे और उसके साथियों को 50,000 रुपये मिलने थे। हालांकि, उस खेप में वास्तव में चरस थी।
एटीएस के अनुसार, इमरान मलिक को 2011 में मुंबई के बांद्रा पुलिस ने इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार किया था और वह 2014 में रिहा हुआ था।
भाषा
राखी माधव
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