मणिपुर: छह नगा नागरिकों की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच एवं राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

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मणिपुर: छह नगा नागरिकों की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच एवं राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 10:26 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 10:26 PM IST

कोहिमा, नौ जुलाई (भाषा) नगा स्टूडेंट फेडरेशन (एनएसएफ) ने मणिपुर में हिंसक संघर्ष से प्रभावित नगा नागरिकों के लिए न्याय, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप का बृहस्पतिवार को अनुरोध किया। संगठन ने विशेष रूप से छह नगा नागरिकों की हत्या के मामले में कार्रवाई की मांग की।

‘‘नगा समुदाय के छह लोगों के लिए न्याय’’ विषय पर कोहिमा में आयोजित मोमबत्ती जुलूस के बाद नगालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन के जरिये यह मांग की गई।

कांगपोकपी जिले के लेइलोन वैफेई गांव से 13 मई को अगवा किए गए छह नागरिकों के शव 10 जून को कुकी-जो गांव के निकट बरामद किए गए थे। सेनापति जिले में सशस्त्र समूहों द्वारा अगवा किए गए 14 कुकी लोगों को रिहा किए जाने के एक दिन बाद ये शव बरामद किए गए थे।

एनएसएफ ने छह नागरिकों की हत्या के मामले में पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की अपनी मांग दोहराई।

ज्ञापन में एनएसएफ ने कहा कि यह मोमबत्ती जुलूस मणिपुर संघर्ष के दौरान सशस्त्र कुकी उग्रवादियों द्वारा कथित तौर पर छह नगा नागरिकों के अपहरण, यातना और हत्या को लेकर नगा समुदाय के सामूहिक शोक और पीड़ा का प्रतीक है।

एनएसएफ ने अपने ज्ञापन के साथ ‘‘मणिपुर में नगा-कुकी संघर्ष: दक्षिणी नगालिम (मणिपुर) में एनएसएफ की तथ्यान्वेषी जांच’’ शीर्षक वाली रिपोर्ट भी संलग्न की। यह रिपोर्ट एनएसएफ के चार से छह जून के बीच किए गए क्षेत्रीय दौरे के आधार पर तैयार की गई है।

एनएसएफ के अनुसार, इस अभियान के दौरान प्रभावित परिवारों, गांव के प्रतिनिधियों, चर्च, नागरिक संस्थाओं और छात्र संगठनों से बातचीत कर नगा बहुल क्षेत्रों की मानवीय और सुरक्षा संबंधी स्थिति का आकलन किया गया। रिपोर्ट में हिंसा, विस्थापन, संपत्ति के नुकसान और लोगों की आजीविका पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव से जुड़े मामलों का दस्तावेजीकरण किया गया।

नगालैंड ट्राइबल होहोस समन्वय समिति के संयोजक थेजाओ विहिएनुओ ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन मारे गए छह नगा नागरिकों की याद में आयोजित किया गया।

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश