इंफाल, 27 अगस्त (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बृहस्पतिवार को सशस्त्र उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर एक वाहन पर किये गये हमले में नगा समुदाय के कम से कम चार लोग मारे गए, जबकि एक घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मकुई अशांग और थाबंबा नगा इलाकों के बीच एक सुनसान जगह पर सुबह करीब साढ़े आठ बजे उग्रवादियों ने घात लगाकर एक गाड़ी पर हमला किया, जिसमें चार लोग मारे गये एवं एक व्यक्ति घायल हो गया।
उन्होंने बताया कि जान गंवाने वालों में एक निजी विद्यालय के प्राचार्य थे।
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को सुरक्षा अधिकारियों को कांगपोकपी जिले में चार लोगों की हत्या में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
चार नागरिकों की हत्या की निंदा करते हुए ‘यूनाइटेड नगा काउंसिल’ ‘यूएनसी’ ने इन हमलों के पीछे कुकी उग्रवादी संगठनों — कुकी नेशनल फ्रंट (पी) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी (केआरए)– का हाथ होने का आरोप लगाया।
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान टैडसोंगबोउ रिंगकांगमाई (एक निजी विद्यालय के संस्थापक और प्राचार्य), एम विजुनमाई, अनिल विजुनमाई और विसोबोउ चारेनामाई (जो चावांगकिइनिंग विलेज अथॉरिटी के अध्यक्ष थे) के तौर पर हुई है। पांचों लियांगमई नगा समुदाय से थे।
अधिकारियों ने कहा कि शवों को सेनापति ज़िला अस्पताल लाया जा रहा है।
इस हमले के बाद, ‘नगा पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन’ ने सेनापति ज़िला मुख्यालय शहर में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करवा दिया।
यूएनसी ने शुक्रवार को राज्य के सभी नगा इलाकों में सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक एक दिन के बंद की घोषणा की। इस हड़ताल से पर्वतीय जिलों में जनजीवन प्रभावित रहने की संभावना है।
मई 2023 से मणिपुर में घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी ज़िलों में रहने वाले कुकी लोगों के बीच हुई जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए हैं और 58,800 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं।
लगातार जातीय टकराव जारी रहने और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफा दे देने के बाद, 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। लगभग एक साल बाद चार फरवरी को राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया।
शुरुआत में, नगा समुदाय मेइती और कुकी समुदायों के बीच हुई झड़पों से दूर रहा। हालांकि, इस साल हालात बदल गए और वे भी हिंसा की चपेट में आ गए।
अधिकारियों के अनुसार, इस साल फरवरी से मुख्य रूप से कांगपोकपी और उखरुल ज़िलों में गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में 20 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कुकी-बहुल ज़िले में चार नगा लोगों की हत्या के सिलसिले में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की।
एक बयान में कहा गया, ‘‘सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है… मुख्यमंत्री ने सुरक्षा अधिकारियों को अपराध में शामिल लोगों को पकड़ने और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया।’’
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अवैध हथियार रखने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ, उसके समुदाय की परवाह किए बिना, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
भाषा राजकुमार सुरेश
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