एमसीडी की स्थाई समिति के सदस्यों के पुनर्निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका का महापौर ने विरोध किया

एमसीडी की स्थाई समिति के सदस्यों के पुनर्निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका का महापौर ने विरोध किया

एमसीडी की स्थाई समिति के सदस्यों के पुनर्निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका का महापौर ने विरोध किया
Modified Date: May 4, 2023 / 08:58 pm IST
Published Date: May 4, 2023 8:58 pm IST

नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थाई समिति में छह सदस्यों के दोबारा चुने जाने को चुनौती देने वाली भाजपा पार्षदों की अर्जी का बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में विरोध किया और कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के मद्देनजर यह फैसला लिया गया था।

महापौर एवं निर्वाचन अधिकारी ओबेरॉय की ओर पेश वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने कहा कि उनके मुवक्किल ने सदन में हंगामे के मद्देनजर दोबारा चुनाव का आदेश दिया था और अदालत को मौजूदा अर्जी पर विचार नहीं करना चाहिए क्योंकि चुनाव प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है।

मेहरा ने न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव के समक्ष दलील दी, “निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि सबकुछ उलट-पुलट हो गया था। पूरी तरह से हंगामा मच गया था। चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होने चाहिए थे, इसलिए मैंने पुन: चुनाव का निर्देश दिया था।”

महापौर ने 24 फरवरी को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव के लिए 27 फरवरी को सुबह 11 बजे नए सिरे से मतदान की घोषणा की थी।

कमलजीत सहरावत और शिखा रॉय की याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने 25 फरवरी को पुन: चुनाव पर रोक लगा दी थी।

एक याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत मेहता ने कहा कि चुनाव पूरा हो जाने के बाद, निर्वाचन अधिकारी के पास ‘परिणाम घोषित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता’ और वह उसकी घोषणा करने से इनकार नहीं कर सकता। उनके पास दोबारा चुनाव कराने का कोई अधिकारी नहीं है।

भाषा जोहेब अर्पणा

अर्पणा


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