नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने आगामी बजट में मुख्य रूप से कुत्तों के तीन प्रस्तावित आश्रय स्थलों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित कर सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि 2026-27 के बजट अनुमानों (बीई) में प्रस्तावित आवंटन का उपयोग आगामी आश्रय स्थलों में बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा, ‘शहर में कुत्तों की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए, आगामी आश्रय स्थलों को उन्नत बनाने और उनके लिए धनराशि आवंटित करने की आवश्यकता होगी। इन निधियों का उपयोग इसी दिशा में किया जाएगा।’
उन्होंने बताया कि द्वारका में एक आश्रय स्थल का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है, जिसमें शुरू में लगभग 1500 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी।
निगम ने पिछले साल दिसंबर में घोषणा की थी कि आक्रामक कुत्तों को रखने के लिए द्वारका सेक्टर 29 में लगभग 2.5 एकड़ जमीन पर एक आश्रय स्थल विकसित किया जाएगा।
इस बीच, बिजवासन और बेला रोड में क्रमशः 14 और 40 केनेल वाले दो अन्य आश्रय स्थलों का भी प्रस्ताव रखा गया है, ताकि अतिरिक्त कुत्तों को आश्रय दिया जा सके और पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) केंद्रों की क्षमता को बढ़ाया जा सके।
निगम ने कहा है कि प्रस्तावित आश्रय स्थलों से आवारा पशुओं के प्रबंधन को मजबूती मिलेगी और सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार होगा।
एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार ने पिछले साल पांच दिसंबर को कहा था कि अप्रैल और सितंबर 2025 के बीच 54,000 से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई थी।
पिछले सप्ताह पीटीआई-भाषा ने खबर दी थी कि राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों की माइक्रोचिपिंग और टीकाकरण के लिए एमसीडी ने आगामी बजट में लगभग 35 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
भाषा तान्या मनीषा
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