इंफाल, 22 अप्रैल (भाषा) मणिपुर में कई मेइती नागरिक समाज समूहों के एक संगठन ने बुधवार को घोषणा की कि उसके सदस्य बम हमलों और गोलीबारी में शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई तथा हिंसा के कारण विस्थापित व्यक्तियों के पुनर्वास जैसी प्रमुख मांगों को पूरा करने में विफल रहने के लिए राज्य सरकार के खिलाफ बृहस्पतिवार को थौबल जिले में प्रदर्शन करेंगे।
‘द कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑन मणिपुर इंटिग्रिटी (सीओसीओएमआई)’ ने कहा कि सदस्य ट्रोंगलाओबी में हाल में हुए बम हमले को लेकर भी विरोध-प्रदर्शन करेंगे, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई थी। उसने कहा कि सदस्य सात अप्रैल को बिष्णुपुर जिले में गेलमोल के पास केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर पर भीड़ के हमले के दौरान तीन लोगों की मौत को लेकर भी प्रदर्शन करेंगे।
विरोध-प्रदर्शन 23 अप्रैल को खोंगजोम दिवस के मौके पर आयोजित किए जाएंगे, जो 1891 के ऐतिहासिक आंग्ल-मणिपुर युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले मणिपुरी नायकों की वीरता एवं बलिदान की याद में मनाया जाता है।
सीओसीओएमआई प्रवक्ता शांता नाहकपम ने कहा, “सदस्य 23 अप्रैल को थौबल में खोंगजोम युद्ध स्मारक की तरफ जाने वाले रास्ते पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे, जहां विधायक आने वाले हैं। तख्तियां थामे प्रदर्शनकारी न्याय की मांग करते हुए नारे लगाएंगे।”
नाहकपम ने कहा कि मणिपुर में तीन मई 2023 को मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद से कई प्रमुख मुद्दों पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठे हैं, जिनमें गोलीबारी की घटनाओं में उग्रवादी समूहों की भूमिका और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों का पुनर्वास शामिल है।
खोंगजोम युद्ध स्मारक पर बृहस्पतिवार सुबह आयोजित होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह, राज्य सरकार के कई मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हो सकते हैं।
भाषा पारुल नरेश
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