Middle-East War Effect on India Condom Market || Image- the informely file
नई दिल्ली: वैश्विक युद्ध संकट के बीच भारत जहां अब तक पेट्रोलियम प्रोडक्ट जैसे पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कमी का सामना कर रहा था तो वही अब एक और जरूरी उत्पाद की कमी देश के लोगों के लिए मुसीबत पैदा कर सकती है। (Middle-East War Effect on India Condom Market) यह जरूरी सामान है ‘कंडोम’
दरअसल भारत में का कंडोम बाजार करीब 861 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 7,100 करोड़ रुपये) का है। लेकिन मिडिल ईस्ट में आई अस्थिरता की वजह से यह सेक्टर बढ़ती उत्पादन लागत और सप्लाई चैन की अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है। इस बीच इस उद्योग से जुड़े लोगों ने प्रमुख कच्चे माल की संभावित कमी और कीमतों में वृद्धि की चेतावनी दी है।
सूत्रों के अनुसार, “वैश्विक स्तर पर जारी शिपिंग कंटेनरों की कमी के कारण विदेशी ग्राहकों तक माल पहुंचाने में देरी हो रही है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रमुख वाहकों द्वारा यातायात निलंबित किए जाने और केप ऑफ गुड होप के रास्ते मार्ग परिवर्तन के कारण समुद्री माल ढुलाई का ट्रांजिट टाइमिंग बढ़ गया है, जिससे पारगमन में 15-20 दिन की अतिरिक्त देरी हो रही है।” (Middle-East War Effect on India Condom Market) उद्योग जगत के स्टेकहोल्डर्स पीवीसी फॉयल, एल्युमीनियम फॉयल, पॉली, रसायन और पैकेजिंग आइटम समेत प्रमुख इनपुट की कमी, साथ ही रसद संबंधी व्यवधान और प्रमुख पेट्रोकेमिकलों की कीमतों में वृद्धि को लेकर चिंता जता रहे हैं।
हितधारकों ने बताया है कि, कंडोम उत्पादन में उपयोग होने वाले अमोनिया की कीमत में 40-50 प्रतिशत की वृद्धि की आशंका है। सिलिकॉन तेल की कीमत में अत्यधिक वृद्धि हुई है, जिससे बाजार में अनिश्चितता पैदा हो गई है।” कर्नाटक ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के जतीश एन शेठ ने कहा, “हमें पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आधारित कच्चे माल की कुछ कमी की आशंका है, जिससे कुछ फार्मास्युटिकल उत्पादों के निर्माण पर असर पड़ सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “पैकेजिंग सामग्री की कमी हो सकती है।” जाहिर है इसे डिमांड और सप्लाई के बीच खाई पैदा होगी और आने वाले दिनों में कंडोम की कमी के साथ इसके कीमतों में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।
#WATCH | Bengaluru | On impact of West Asia war on raw materials, Srushti Pharmaceuticals Director Jatish Sheth says, “Pharmaceuticals are affected. Raw materials which are used for manufacturing formulation, they use petrol-based products… If the petrochemical supply is… pic.twitter.com/kYoVOv5jV0
— ANI (@ANI) April 3, 2026
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