Raja Ravi Varma Shri Krishna and Yashoda Painting || Image- ANI NEWS File
नई दिल्ली: प्रख्यात भारतीय चित्रकार राजा रवि वर्मा की पेंटिंग “यशोदा और कृष्ण” बुधवार को मुंबई में सैफ्रोनआर्ट की स्प्रिंग लाइव नीलामी में रिकॉर्ड 167.20 करोड़ रुपये (17,978,495 अमेरिकी डॉलर) में बिकी। (Raja Ravi Varma Shri Krishna and Yashoda Painting) इसके साथ ही यह नीलामी में बिकने वाली आधुनिक भारतीय कला की अब तक की सबसे अधिक मूल्य वाली कृति बन गई है।
इस पेंटिंग ने पिछले साल एक नीलामी में 118 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत में बिकने वाली एमएफ हुसैन की अनाम (ग्राम यात्रा) पेंटिंग द्वारा बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। राजा रवि वर्मा की इस कृति का अनुमानित मूल्य 80-120 करोड़ रुपये था और इसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक डॉ. साइरस एस. पूनावाला ने खरीद लिया।
पूनावाला ने एक बयान में कहा,”मुझे राजा रवि वर्मा की प्रतिष्ठित पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ को प्राप्त करने, संरक्षित करने और उसकी देखभाल करने का अवसर पाकर गर्व महसूस हो रहा है। यह राष्ट्रीय धरोहर समय-समय पर जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध होने योग्य है और मैं आगे चलकर इसे सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा।” (Raja Ravi Varma Shri Krishna and Yashoda Painting) कलाकार के करियर के उत्कर्ष काल के दौरान 1890 के दशक में बनाई गई यह कृति पौराणिक आकृतियों के माध्यम से भगवान कृष्ण की बाल्यावस्था और उनका पालन करने वाली माता यशोदा के मातृ प्रेम की एक सूक्ष्म व्याख्या प्रस्तुत करती है। इसे वर्मा की सबसे महत्वपूर्ण और भावपूर्ण रचनाओं में से एक माना जाता है।
Raja Ravi Varma’s “Yashoda and Krishna” sold for a record ₹167.2 crore, becoming the most expensive Indian painting ever at auction. Serum Institute of India founder and Padma Bhushan awardee, Cyrus Poonawalla, purchased it. He says he will make it public periodically. pic.twitter.com/8jgPafT0mI
— Keh Ke Peheno (@coolfunnytshirt) April 3, 2026
राजा रवि वर्मा भारत के एक महान और प्रसिद्ध चित्रकार थे। उनका जन्म 29 अप्रैल 1848 को केरल में हुआ था। उन्हें भारतीय कला को नई पहचान देने वाले कलाकारों में गिना जाता है। (Raja Ravi Varma Shri Krishna and Yashoda Painting) उन्होंने अपनी पेंटिंग्स में रामायण और महाभारत की कहानियों के साथ देवी-देवताओं को बहुत सुंदर और वास्तविक रूप में चित्रित किया। उनकी खासियत यह थी कि उन्होंने भारतीय विषयों को यूरोपीय शैली में पेश किया, जिससे उनकी पेंटिंग्स अलग और आकर्षक दिखती थीं।
राजा रवि वर्मा ने अपनी कला को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रिंटिंग प्रेस भी शुरू की, जिससे उनकी पेंटिंग्स की कॉपियां घर-घर पहुंचीं। (Raja Ravi Varma Shri Krishna and Yashoda Painting) आज भी देवी-देवताओं की कई तस्वीरों में उनकी कला का प्रभाव देखा जाता है।
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