एमएनएफ ने वन अधिनियम विस्तार के खिलाफ मिजोरम में 10 घंटे का बंद रखा
एमएनएफ ने वन अधिनियम विस्तार के खिलाफ मिजोरम में 10 घंटे का बंद रखा
आइजोल, 29 अक्टूबर (भाषा) मिजोरम की मुख्य विपक्षी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने एक प्रस्ताव के माध्यम से वन संरक्षण संशोधन अधिनियम (एफसीएए), 2023 को अपनाने के राज्य सरकार के फैसले के विरोध में बुधवार को 10 घंटे का राज्यव्यापी बंद रखा।
लालदुहोमा की अगुवाई में राज्य में जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) की सरकार है।
एमएनएफ के उपाध्यक्ष और विपक्ष के नेता लालचंदमा राल्ते ने कहा कि 11 नवंबर को डंपा विधानसभा सीट पर आगामी उपचुनाव के मद्देनजर ममित जिले को छोड़कर राज्य भर में बंद देखा गया, जो सुबह छह बजे शुरू हुआ।
उन्होंने बताया कि हड़ताल के कारण सभी सरकारी और निजी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, बैंक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
राज्य की राजधानी आइजोल और अन्य कस्बों में सड़कें सुनसान रहीं क्योंकि केवल आपातकालीन वाहन ही नजर आये।
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी और कई संगठनों के गठबंधन ‘ज्वाइंट सिविल सोसाइटी मिजोरम’ (सीजेएम) ने हड़ताल का समर्थन किया।
राल्ते ने दावा किया कि हड़ताल को जनता का भारी समर्थन मिला।
एमएनएफ अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने कहा कि उनकी पार्टी ने मिजोरम में एफसीएए के विस्तार का लगातार विरोध किया है और इसे राज्य के लिए असुरक्षित बताया है।
जोरमथांगा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘एफसीएए मिजो लोगों और मिजोरम के लिए खतरनाक है क्योंकि केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक परियोजनाओं के नाम पर लगभग पूरी जमीन का अधिग्रहण कर सकता है। कानून अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से 100 किलोमीटर के क्षेत्र को छूट देता है। एमएनएफ के सत्ता में लौटने पर हम अधिनियम का समर्थन करने वाला प्रस्ताव वापस ले लेंगे।’’
भाषा शफीक माधव
माधव

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