मोदी ने टाटा से विमान विनिर्माण इकाई गुजरात में स्थापित करने को कहा था: शरद पवार

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मोदी ने टाटा से विमान विनिर्माण इकाई गुजरात में स्थापित करने को कहा था: शरद पवार

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  • Publish Date - October 29, 2024 / 02:38 PM IST,
    Updated On - October 29, 2024 / 02:38 PM IST

बारामती, 29 अक्टूबर (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने मंगलवार को दावा किया कि गुजरात स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस की ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (एफएएल) पहले महाराष्ट्र में स्थापित की जानी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कहने पर इसे उनके राज्य में स्थानांतरित कर दिया गया।

बारामती विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पवार ने कहा, ‘‘रतन टाटा चाहते थे कि यह परियोजना महाराष्ट्र में लगे और उनके परामर्श से नागपुर एमआईडीसी क्षेत्र में 500 एकड़ का प्लॉट इसके लिए चिह्नित किया गया।’’

पवार ने कहा, ‘‘यह मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान की बात है, जिसका मैं हिस्सा था। सरकार बदल गई और जब मोदी प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने टाटा को फोन करके गुजरात में कारखाना लगाने को कहा।’’

पवार ने कहा कि उस परियोजना से महाराष्ट्र में हजारों नौकरियां पैदा होतीं। दिग्गज राजनेता ने दावा किया कि जब मोदी ने फॉक्सकॉन से महाराष्ट्र के लिए निर्धारित (सेमीकंडक्टर) कारखाना गुजरात में लगाने को कहा तो महाराष्ट्र से हजारों नौकरियां चली गईं।

पवार ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री किसी एक राज्य के नहीं होते, बल्कि उन्हें पूरे देश के बारे में सोचना होता है।’’

सरकार या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से अब तक पवार के दावों का कोई खंडन नहीं किया गया है।

सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ कार्यक्रम को बढ़ावा देते हुए, सोमवार को इस संयंत्र का उद्घाटन भारत में निजी क्षेत्र द्वारा विमान एफएएल स्थापित करने का पहला उदाहरण है।

मोदी और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज द्वारा सोमवार को वड़ोदरा में एफएएल का उद्घाटन किया गया। इससे तीन साल पहले भारतीय वायुसेना ने अपने पुराने एवीआरओ बेड़े को बदलने के लिए 56 एयरबस सी295 विमानों के अधिग्रहण को औपचारिक रूप प्रदान किया था।

अनुबंध के अनुसार, इस एफएएल में टीएएसएल के साथ साझेदारी में 40 इकाइयों का निर्माण और संयोजन किया जाएगा, जबकि 16 को स्पेन के सेविले में एयरबस की अंतिम असेंबली लाइन से ‘फ्लाई-अवे’ स्थिति में भारतीय वायुसेना को दिया जाएगा। अभी तक कुल छह विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है।

भाषा वैभव नरेश

नरेश