प्रदर्शनकारी छात्रों के नाम मोदी का संदेश: युवाओं का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

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प्रदर्शनकारी छात्रों के नाम मोदी का संदेश: युवाओं का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 12:37 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 12:37 PM IST

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के युवाओं का कल्याण और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं के लिए यह संदेश ऐसे समय आया है, जब तीन दिन पहले कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘संसद चलो’ मार्च निकाला था।

इस मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे बड़ी संख्या में छात्र घायल हो गए। वहीं, विरोध मार्च को रोकने की कोशिश के दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह भी कहा कि प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए सरकार ने त्वरित अदालतें स्थापित करने का फैसला किया है।

मोदी ने कहा, ‘‘हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर संबंधित प्राधिकारियों और अधिकारियों को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।’’

मोदी ने नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर पहली बार सार्वजनिक रूप से मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की संसदीय दल की बैठक में अपनी बात रखी थी।

इस बैठक का न तो सीधा प्रसारण किया गया और न ही कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और कुछ सांसदों ने बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा कही गई बातों की जानकारी साझा की।

उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसे ‘‘घोर पाप’’ में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है ताकि कोई भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न कर सके।

मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार को मिलकर काम करना चाहिए, क्योंकि यह ‘‘दलगत राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित का मामला’’ है।

उन्होंने राजग सांसदों से यह भी कहा कि वे लोगों के साथ ‘‘गर्मजोशी और आत्मीयता’’ के साथ जुड़े रहें तथा ‘‘युवाओं का विश्वास’’ जीतने का प्रयास करें।

रीजीजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि प्रश्नपत्र लीक की खबर सामने आते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई की और 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए नीट की दोबारा परीक्षा कराने को प्राथमिकता दी गई, उसका सफलतापूर्वक आयोजन कराया गया और परिणाम भी बिना किसी देरी के घोषित किए गए।’’

बैठक में मौजूद सांसदों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने नीट प्रश्नपत्र लीक को ‘‘घोर पाप’’ बताया। यह परीक्षा मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हालांकि पुन: परीक्षा से छात्रों को असुविधा हुई, लेकिन सरकार ने न केवल बिना विलंब के परीक्षा आयोजित करायी, बल्कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिष्ठित वकीलों की भी सेवाएं लीं।

सांसदों के अनुसार, मोदी ने स्पष्ट कहा कि छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को गुमराह करना आसान है, लेकिन उन्हें सही रास्ता दिखाना कठिन होता है।

प्रधानमंत्री ने दोषियों को सजा दिलाने और सभी के सहयोग से ऐसी अचूक व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉजपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने तथा नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कॉजपा के आंदोलन में शामिल होने के बाद यह अनशन शुरू किया था।

इससे पहले पुलिस उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।

केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बुधवार को अस्पताल जाकर वांगचुक से मुलाकात की।

नड्डा ने यहां राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कुछ घायल प्रदर्शनकारियों से भी मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने मामले का समाधान निकालने के प्रयास के तहत कॉजपा के दो प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की।

सरकार ने यह भी घोषणा की है कि वह संसद में नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।

संसद के 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के पहले तीन दिन विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।

सरकार के एक अधिकारी ने बुधवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि इस मामले में उनकी किसी प्रकार की कोई भूमिका नहीं थी।

भाषा

गोला सिम्मी

सिम्मी