नई दिल्लीः Vande Bharat: संसद के मानसून सत्र का पहला दिन विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष ने संसद के बाहर युवाओं के प्रदर्शन को जायज बताया और सदन के भीतर इस पर चर्चा की मांग की, लेकिन भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। चलिए जानते हैं कि सदन के अंदर आखिर क्या-क्या हुआ?
Vande Bharat: मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में नीट पेपर लीक, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष ने खूब हंगामा किया और इन मुद्दों पर चर्चा की मांग की। इस दौरान कई सांसद पोस्टर, बैनर लेकर भी पहुंचे। इधर सदन शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने संसद में सार्थक चर्चा करने की अपील की और राहुल गांधी पर तंज भी कस दिया।
नीट पेपर लीक को लेकर विपक्ष ने कहा कि एक तरफ जंतर-मंतर पर बच्चे इकठ्ठा हो रहे हैं लेकिन सरकार उनकी आवाज को दबा रही है और स्टूडेंट्स पर सरकार ने लाठीचार्ज करवाया है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। इस बीच कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल लोकसभा में पेश किया। विपक्ष के हंगामे के चलते कोई चर्चा नहीं हो पाई और दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। 13 अगस्त तक चलने वाले मॉनसून सत्र के दौरान मोदी सरकार कई अहम बिल लाने वाली है और सबसे बड़ा सस्पेंस परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर है। बदले राजनीतिक समीकरणों और लोकसभा के नए नंबर गेम ने सरकार की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अब देखना दिलचस्प होता है कि पेपर लीक और चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष, सरकार से कैसे जवाब मांगती है या फिर सत्र का ज्यादातर वक्त शोर-शराबे और हंगामे की भेंट चढ़ जाता है।