नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) दिल्ली यातायात पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों पर गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ इस साल अब तक 1.09 लाख से अधिक चालान जारी किए हैं और 1,578 प्राथमिकी दर्ज की हैं।
यह कार्रवाई लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से प्रवर्तन उपायों में आई तेजी को दर्शाती है।
चौबीस मई तक उपलब्ध दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नियम तोड़ने को लेकर कुल 1,09,240 चालान और 88,060 नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि खतरनाक तरीके से गलत दिशा में वाहन चलाने के आरोप में 1,578 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
आंकड़ों से यह भी पता चला है कि मई के दौरान प्राथमिकी दर्ज किए जाने में भारी वृद्धि हुई है, क्योंकि विशेष अभियान चलाए गए थे। 24 मई तक 1,392 मामले दर्ज किए गए, जबकि जनवरी में 172, फरवरी में 10, मार्च में शून्य और अप्रैल में चार मामले दर्ज किए गए थे। मई में 27,652 चालान और 21,578 नोटिस जारी किए गए।
यह कार्रवाई दिसंबर के आखिरी सप्ताह में दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा शुरू की गई एक नई प्रवर्तन रणनीति के बीच हुई है। अधिकारियों का कहना है कि गलत दिशा में वाहन चलाना आमने-सामने की टक्कर, यातायात में व्यवधान और घातक दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बन गया है।
यातायात पुलिस ने बताया कि उसने 22 और 23 मई को शहर भर में चलाए गए दो दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान 1,170 प्राथमिकी दर्ज की हैं और 1,179 वाहनों को जब्त किया है। अभियान के दौरान 12,568 चालान जारी किए गए।
पुलिस ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाने को अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक अपराध माना जा रहा है। यह पहले के चलन से अलग, जब ऐसे उल्लंघनों पर मुख्य रूप से आर्थिक दंड लगाने और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाती थी।
यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘गलत दिशा में वाहन चलाना केवल यातायात नियम का उल्लंघन नहीं है। यह एक गंभीर और जानलेवा अपराध है जो निर्दोष लोगों को खतरे में डालता है और यातायात प्रवाह को गंभीर रूप से बाधित करता है।’
अधिकारी ने कहा कि शहर में खतरनाक ड्राइविंग व्यवहार को रोकने के लिए आपराधिक मामले दर्ज करने, वाहनों को जब्त करने की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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नोमान माधव
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