सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला: सीसीटीवी फुटेज में वाहन पर दिखे निशान से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

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सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला: सीसीटीवी फुटेज में वाहन पर दिखे निशान से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

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  • Publish Date - September 18, 2026 / 10:31 PM IST,
    Updated On - September 18, 2026 / 10:31 PM IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) दिल्ली में नाबालिग लड़की की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले की जांच में पुलिस के लिए 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के विश्लेषण में एक टेम्पो पर दिखा एक अजीब सा निशान मददगार साबित हुआ और इसके बाद आरोपियों को पकड़ा जा सका।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस के लिए लड़की का क्षत-विक्षत शव और परिजनों की ओर से गुमशुदगी की शिकायत दर्ज न कराया जाना गंभीर चुनौती बन गया था।

पुलिस ने बताया कि लगभग 15 से 17 वर्ष की लड़की के साथ तीन नाबालिगों सहित चार लोगों ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया, फिर चाकू गोदकर उसकी हत्या कर दी और शव को एक खुले खेत में फेंक दिया। इससे पहले लड़की उनके साथ टेम्पो में गई थी। वे एक-दूसरे को जानते थे और घटना से पहले उन्होंने कथित तौर पर एक साथ शराब पी थी।

पुलिस ने बताया कि लड़की का शव 13 सितंबर को कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास एक खुले मैदान में मिला था। शव इस कदर क्षत-विक्षत हो चुका था कि तुरंत उसके लिंग का भी पता नहीं लगाया जा सका, जबकि शरीर के कुछ हिस्सों को आवारा कुत्तों ने खा लिया था और एक हाथ शरीर से अलग पाया गया था।

पुलिस के अनुसार, परिजनों ने गुमशुदगी की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, क्योंकि लड़की अक्सर घर से चली जाती थी और कुछ दिनों बाद लौट आती थी। उसके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और परिवार के पास उसकी सही उम्र साबित करने के लिए दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने बताया कि बाद में एक डॉक्टर ने राय दी कि उसकी उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच थी।

किसी भी प्रत्यक्षदर्शी के न होने और पीड़िता या अपराधियों की पहचान के बारे में कोई तात्कालिक सुराग न मिलने के कारण, जांचकर्ताओं को शुरुआत में यह पता लगाने में कठिनाई हुई कि क्या हुआ था और वारदात में कौन लोग शामिल थे।

घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं था। हालांकि, कुछ दूरी पर लगे एक कैमरे की फुटेज में घटना के समय एक वाहन आसपास घूमता हुआ दिख गया। पुलिस ने बताया कि वाहन की पहचान टेम्पो के रूप में हुई, लेकिन अंधेरे के कारण उसका पंजीकरण नंबर दिखाई नहीं दे सका।

इसके बाद जांचकर्ताओं ने विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के जरिए टेम्पो को ट्रैक करना शुरू किया। वाहन की पहचान के लिए केवल एक खास निशान मिला था, जो उसकी बाईं ओर दिखाई दे रहा था। इसी निशान की मदद से इलाके और आसपास के रास्तों में लगे करीब 50 कैमरों की फुटेज खंगालकर वाहन का पता लगाया गया और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने गोल रिंग प्रकार के निशान और उससे जुड़ी एसी इकाई के आधार पर वाहन को शॉर्टलिस्ट किया।’

सीसीटीवी के सूक्ष्म विश्लेषण से पुलिस को 15 और 16 सितंबर की दरमियानी रात चले अभियान के दौरान संदिग्ध टेम्पो को स्वरूप नगर इलाके की खड्डा कॉलोनी में ढूंढने में मदद मिली।

पुलिस ने कहा कि चालक की पहचान की गई और उससे पूछताछ की गई, जिसके बाद जांच के आधार पर अपराध से कथित तौर पर जुड़े तीन किशोरों सहित चार लोगों को पकड़ लिया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान खड्डा कॉलोनी निवासी शिवम उर्फ सुदामा उर्फ चुचू के रूप में हुई है, जबकि तीनों किशोरों की उम्र 16 और 17 वर्ष है।

अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दो चाकू, आरोपियों द्वारा कथित तौर पर पहने गए कपड़े और टेम्पो को बरामद कर लिया गया है।

पुलिस ने कहा कि घटना का सही क्रम स्थापित करने, पकड़े गए लोगों की व्यक्तिगत भूमिकाओं का पता लगाने और फॉरेंसिक तथा तकनीकी साक्ष्यों को सत्यापित करने के लिए आगे की जांच जारी है।

भाषा नोमान दिलीप

दिलीप