नागेंद्र का इस्तीफा दोष साबित नहीं करता: कांग्रेस की कर्नाटक इकाई

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नागेंद्र का इस्तीफा दोष साबित नहीं करता: कांग्रेस की कर्नाटक इकाई

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  • Publish Date - August 29, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - August 29, 2026 / 07:04 PM IST

बेंगलुरु, 29 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने शनिवार को कहा कि कथित वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले को लेकर पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा उनकी दोषसिद्धि साबित नहीं करता है।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर इसे राजनीतिक जीत के रूप में मनाने और अनुसूचित जनजाति (एसटी) नेता को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

हरिप्रसाद ने कहा कि इस्तीफा नागेंद्र की ओर से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गरिमा बनाए रखने के लिए उठाई गई नैतिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने जोर दिया कि दोष केवल जांच एजेंसियां और अदालतें ही तय कर सकती हैं। हरिप्रसाद ने भाजपा पर ‘‘दोहरा मापदंड अपनाने’’ का आरोप लगाते हुए कहा कि वह विपक्षी नेताओं को निशाना बनाती है, जबकि भाजपा में शामिल हुए नेताओं को संरक्षण देती है।

हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘कहीं भी यह नहीं कहा जा रहा है कि आरोप साबित हो गए हैं। उनका इस्तीफा देना यह साबित नहीं करता कि आरोप सही पाए गए हैं। इस्तीफा देकर नागेंद्र ने अपने राजनीतिक जीवन में एक उच्च मानदंड स्थापित किया है और नैतिक जिम्मेदारी ली है। इस्तीफा दोष साबित करने वाला प्रमाणपत्र नहीं है।’’

उन्होंने नागेंद्र के इस्तीफे का जश्न मनाने वाले भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इसे ‘‘एक विकेट गिर गया’’ बता रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा के कितने नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हुए हैं, जिन्हें जेल की सजा हुई है या जो जांच का सामना कर रहे हैं।

यह इस्तीफा कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से कथित रूप से धन के गबन को लेकर भाजपा के तेज होते अभियान के बीच आया है।

यह मामला मई 2024 से जुड़ा है, जब उस समय निगम में लेखा अधीक्षक रहे पी. चंद्रशेखरन ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने छह पन्नों का एक पत्र छोड़ा था, जिसमें निगम के धन में अनियमितताओं और अनधिकृत हस्तांतरण का आरोप लगाया गया था।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश