नमिता गोखले को बनारस साहित्योत्सव में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया जाएगा

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नमिता गोखले को बनारस साहित्योत्सव में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया जाएगा

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 04:57 PM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 04:57 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) बनारस साहित्योत्सव ने प्रख्यात लेखिका, प्रकाशक और भारतीय भाषाओं एवं संस्कृति को नयी पहचान दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाने वालीं नमिता गोखले को ‘भारतेंदु हरीशचंद्र लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए चुने जाने की घोषणा की।

‘बनारस लिट फेस्ट’ (बीएलएफ) ने बुधवार को यहां अपने आउटरीच कार्यक्रम के दौरान दूसरे बनारस लिट फेस्ट बुक अवार्ड्स 2026 के विजेताओं की घोषणा की।

यहां जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी।

बनारस लिट फेस्ट बुक अवार्ड्स अंग्रेजी, हिंदी और भारतीय भाषाओं में गल्प, कविता, गैर गल्प और अनुवाद के बेहतरीन कामों को पहचान प्रदान करता है।

नमिता गोखले को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड में 1,00,000 रुपये का नकद पुरस्कार आगामी बनारस लिट फेस्ट के दौरान दिया जाएगा जो 30 जनवरी से 1 फरवरी तक होटल ताज, बनारस में आयोजित होगा।

सभी श्रेणियों के पुरस्कारों में 51,000 रुपये का नकद पुरस्कार, साथ में एक प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी दी जाएगी।

विजेताओं को बधाई देते हुए बनारस साहित्योत्सव (बीएलएफ) के अध्यक्ष दीपक मधोक ने यहां बुधवार को कहा, ‘कम समय में ही बनारस लिट फेस्ट बुक अवार्ड्स साहित्यिक पहचान का एक गंभीर पैमाना बन गए हैं। इस साल के विजेता विचारों की हिम्मत, ज्ञान की गहराई और अभिव्यक्ति की सुंदरता का उदाहरण हैं। हम उनमें से हर एक को भारत की साहित्यिक और सांस्कृतिक कल्पना को समृद्ध करने के लिए बधाई देते हैं, और हम जूरी को फैसले के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए धन्यवाद देते हैं।’’

बनारस लिट फेस्ट बुक अवार्ड्स 2026 के विजेताओं में अंग्रेजी भाषा में रस्किन बॉन्ड फिक्शन पुरस्कार, ‘ईडन अबैंडन्ड: द स्टोरी ऑफ़ लिलिथ’ के लिए शाइनी एंटनी को, सरोजिनी नायडू कविता पुरस्कार, ‘द हनुमान चालीसा’ के लिए अभय के को, सर्वपल्ली राधाकृष्णन नॉन-फिक्शन पुरस्कार ‘फादर टंग, मदरलैंड: दी बर्थ आफ लैंग्वेज इन साउथ एशिया’ के लिए पेगी मोहन को और रवींद्रनाथ टैगोर अनुवाद पुरस्कार ‘लिमिटेड / अनलिमिटेड’, (बंगाली से अनुवादित)के लिए अरुणव सिन्हा को प्रदान किया जाएगा।

हिंदी भाषा में कथा साहित्य के लिए प्रेमचंद पुरस्कार ‘दूरस्थ दाम्पत्य’ के लिए ममता कालिया को, कविता के लिए कबीर पुरस्कार ‘पागल गणितज्ञ की कविता’ के लिए उदयन वाजपेयी को, गैर गल्प श्रेणी के लिए राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार ‘दुःख की दुनिया भीतर है’ के लिए – जे. सुशील को और अनुवाद के लिए महादेवी वर्मा पुरस्कार ‘1857 की क्रांति का अवध’, थॉमस हेनरी कवानाघ द्वारा लिखी गई पुस्तक के लिए राजगोपाल सिंह वर्मा को प्रदान किया जाएगा।

भाषा नरेश

नरेश

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