नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने एक योजना के तहत आंध्र प्रदेश के लाल चंदन किसानों को 45 लाख रुपये की राशि जारी की। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के माध्यम से किए गए इन भुगतानों के साथ ही भारत में ‘पहुंच और लाभ साझाकरण’ योजना के तहत जारी की गई कुल राशि अब 143.5 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
लाल चंदन भारत में पाई जाने वाली एक स्थानिक वृक्ष प्रजाति है, जो मुख्य रूप से पूर्वी घाट के आसपास पाई जाती है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस योजना के तहत किसानों को वैश्विक स्तर पर मूल्यवान स्थानिक प्रजाति के संरक्षण और सतत उपयोग के लिए सीधे तौर पर पुरस्कृत किया जाता है।
बयान में बताया गया, “यह पहल लाल चंदन की खेती करने वाले किसानों के लिए उपलब्ध आर्थिक अवसरों को रेखांकित करती है, जिन्हें दोहरी आय का लाभ मिलता है।
पहला, खेती की गई लाल चंदन की लकड़ी या लट्ठों की वैध बिक्री के माध्यम से और दूसरा, जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत अनिवार्य एबीएस तंत्र के अंतर्गत मौद्रिक लाभ के माध्यम से।”
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने अब तक आंध्र प्रदेश राज्य को लाल चंदन के संरक्षण, सुरक्षा एवं लाभार्थियों के लिए 104 करोड़ रुपये से अधिक और तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना सहित अन्य राज्यों को 15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है।
पिछले तीन महीनों में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना के 220 से अधिक लाल चंदन किसानों को इस निधि के तहत 5.35 करोड़ रुपये जारी किए गये हैं।
भाषा जितेंद्र माधव
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