नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को कहा कि हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ मजबूत विपक्षी एकता की जरूरत है।
हालांकि, माकपा ने कांग्रेस पर धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने के प्रयासों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
वाम दल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ किसी समझौते पर तत्काल विचार करने से भी इनकार किया है।
माकपा की केंद्रीय समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पार्टी महासचिव एमए बेबी ने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव परिणाम को देखते हुए विपक्षी दलों द्वारा गंभीर राजनीतिक समीक्षा की आवश्यकता है।
बेबी ने कहा, ‘‘इन विधानसभा चुनावों के बाद धुर दक्षिणपंथ का प्रभुत्व एक बड़ी घटना है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।’’
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ‘‘फासीवादी, नव-फासीवादी प्रवृत्ति’ प्रदर्शित कर रही है।
बेबी ने कहा कि भाजपा-आरएसएस का मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकता को मजबूत करने की जरूरत है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय और वामपंथी दलों के प्रति कांग्रेस का दृष्टिकोण ऐसी एकता बनाने के लिए अनुकूल नहीं है।
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