नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार द्वारा बुधवार को अधिसूचित ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2026’ के तहत अगले चार वर्षों के भीतर हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों को भी सार्वजनिक परिवहन में शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
पिछले महीने परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने घोषणा की थी कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में दो हाइड्रोजन-संचालित बसें चलाने की योजना बना रही है।
नयी नीति के अनुसार, यदि इस अवधि के दौरान हाइड्रोजन या अन्य पर्यावरण अनुकूल ईंधनों से चलने वाले वाहन पेश किए जाते हैं तो सरकार के निर्णय पर उन्हें पंजीकृत करने की अनुमति दी जाएगी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की नवीनतम रिपोर्ट का हवाला देते हुए नीति में कहा गया है कि दिल्ली के वायु प्रदूषण में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की हिस्सेदारी लगभग 23 प्रतिशत है, जो सर्दियों में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बनता है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर काम कर रहा है जो अपनी सीएसआर पहल के तहत ये हाइड्रोजन बसें प्रदान करेगी।
यह बसें ‘ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट’ (जीसीसी) मॉडल पर चलेंगी, जिसमें डीटीसी परिचालन की देखरेख करेगी और एनटीपीसी प्रति किलोमीटर 45 रुपये की स्वीकृत दर से अधिक आने वाली पूरी लागत का वहन करेगी।
भाषा सुमित नरेश
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