नई दिल्लीः BJP National President: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज बड़ा निर्णय लेते हुए नितिन नबीन को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी की तरफ से उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया गया है। नितिन नबीन को निर्विरोध रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। कल वे पार्टी अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। पार्टी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ल़क्ष्मण की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के पक्ष में नामांकन पत्रों के 37 सेट प्राप्त हुए। नामांकन पत्रों के सभी सेट ज़रूरी फॉर्मेट में सही तरह से भरे हुए पाए गए और वैध थे। अब, नाम वापस लेने की अवधि के बाद, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक नाम बचा यानी नितिन नबीन का नाम प्रस्तावित किया गया है। Nitin Nabin elected BJP National President
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के गठन के 45 साल के सियासी इतिहास में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेता पार्टी की कमान संभाल चुके हैं। अभी तक बीजेपी के 11 राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके हैं और नितिन नबीन पार्टी के 12वें अध्यक्ष के तौर पर कमान संभाल रहे हैं। वे पार्टी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे।
नितिन नबीन का राजनीति में आना योजनाबद्ध नहीं, बल्कि परिस्थितिजन्य था। साल 2006 में नितिन नबीन के पिता, भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार में पूर्व विधायक नवीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद BJP ने उन्हें पटना पश्चिम उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया था। मात्र 26 साल की उम्र में, नितिन ने अपनी पढ़ाई छोड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। यह फैसला कर्तव्य और अपेक्षाओं से जुड़ा था, जिसने उनके 20 साल लंबे राजनीतिक सफर की नींव रखी और 2006 का उपचुनाव जीतने के बाद नितिन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
Nitin Nabin elected BJP National President नितिन नबीन भले ही एक लो-प्रोफाइल नेता माने जाते हों, लेकिन वे राजनीति में नए नहीं हैं। वर्ष 2021 से वे बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के एक्स-ऑफिशियो सदस्य रहे हैं और मध्य भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के प्रभारी भी रहे हैं। 2021 में ही उन्हें नीतीश कुमार सरकार में मंत्री बनाया गया था, लेकिन 2022 में नीतीश कुमार के बीजेपी से अलग होने के बाद उनका यह कार्यकाल छोटा रह गया। इसके बाद नबीन ने अपना अधिक समय छत्तीसगढ़ की राजनीतिक जिम्मेदारियों पर लगाया। अन्य कई भाजपा नेताओं की तरह, नबीन ने भी राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की, जो RSS की छात्र इकाई है। उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा भी संघ परिवार की विचारधारा के प्रति गहराई से प्रतिबद्ध थे।
पिता के जनवरी, 2006 में निधन के बाद मात्र 26 वर्ष की उम्र में नबीन ने 2006 का उपचुनाव भारी बहुमत से जीता और 82 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए। परिसीमन के बाद पटना पश्चिम सीट का नाम बदलकर बांकीपुर हुआ, जहां से नबीन 2010 से लगातार जीतते आ रहे हैं। बांकीपुर से जीत के बाद वे बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व में शामिल हुए और 2010 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का राष्ट्रीय महामंत्री भी बनाया गया। वहीं, 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में BJP की शानदार जीत के बाद नबीन को छत्तीसगढ़ का एकमात्र प्रभारी बनाया गया। इसके बाद 2024 में नीतीश कुमार के दोबारा बीजेपी के साथ आने के बाद नबीन दोबारा बिहार सरकार में मंत्री बने।
नितिन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के साथ ही भाजपा में 80% युवाओं को आगे लाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि नई टीम बनने में लगभग 6 महीने लगेंगे, लेकिन इतना साफ है कि टीम में महामंत्री और मंत्री जैसे प्रमुख पदों पर ज्यादातर 50 से कम उम्र के लोग होंगे। अगले साल 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव हैं। नितिन टीम इसी के अनुरूप बनाएंगे। एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि अमूमन राष्ट्रीय अध्यक्ष जूनियर या समकक्षों को ही महासचिव, सचिव जैसे पदों पर रखते हैं।
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