कोट्टायम (केरल), 19 फरवरी (भाषा) केरल कांग्रेस (एम) के अध्यक्ष जोस के. मणि ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में शराब की दुकानों के समय में बदलाव किए जाने में कुछ भी नया नहीं है, बल्कि यह मौजूदा शराब नीति का ‘‘सरलीकरण’’ है।
मणि ने यहां पत्रकारों से कहा कि पर्यटन स्थलों और अन्य स्थानों पर स्थित शराब की दुकानों के बीच भेदभाव की शिकायतों के कारण इसे सरल किया गया गया।
पर्यटन स्थलों पर स्थित शराब की दुकानों को सुबह 10 बजे से आधी रात तक खुले रहने की अनुमति थी, जबकि अन्य स्थानों पर ये पूर्वाह्न 11 बजे से रात 11 बजे तक खुली रहती थीं।
सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के घटक केरल कांग्रेस (एम) के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘इसलिए, केवल सरलीकरण किया गया है।’’
राज्य के आबकारी मंत्री एम. बी. राजेश ने भी समय परिवर्तन के बचाव में एक दिन पहले इसी तरह का रुख अपनाया था।
राजेश ने कहा था कि पर्यटन स्थलों पर विस्तारित समय पहले से ही लागू था और भेदभाव की शिकायतों को दूर करने के लिए इसे सभी स्थानों पर लागू किया गया।
मणि ने केरल सरकार द्वारा एक दिन पहले शिक्षकों के संबंध में लिए गए निर्णय का स्वागत किया।
सरकार ने घोषणा की है कि सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत लगभग 20 हजार शिक्षकों को उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के बाद नियमित किया जाएगा।
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने बुधवार को कहा था कि यह कदम दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण लागू करने और राज्य के सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों की मंजूरी से संबंधित लंबित कानूनी जटिलताओं को हल करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मणि ने कहा कि नियमितीकरण की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाएगी।
चुनावी राज्य केरल में वाम सरकार के इस ताजा फैसले को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। हाल ही में यह मुद्दा ईसाई संगठनों समेत विभिन्न सहायता प्राप्त स्कूल प्रबंधन संस्थाओं के विरोध प्रदर्शनों का कारण बना था। इन संगठनों ने सरकार पर अदालत के निर्देशों को लागू करने के बहाने सामान्य वर्ग की नियुक्तियों को रोकने का आरोप लगाया था।
भाषा यासिर नेत्रपाल
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