अलप्पुझा/कोट्टयम, 21 जनवरी (भाषा) केरल विधानसभा चुनाव से पूर्व संख्यात्मक रूप से मजबूत एझवा समुदाय के एक प्रमुख संगठन, एसएनडीपी योगम की परिषद ने बुधवार को अग्रणी नायर समुदाय के संगठन एनएसएस के साथ अपने लंबे समय से प्रतीक्षित गठबंधन को हरी झंडी दे दी।
चुनावों से ठीक पहले केरल में दो प्रमुख हिंदू जातिगत संगठन के साथ आने को अहम माना जा रहा है।
समाज सुधारक संत श्री नारायण गुरु ‘श्री नारायण धर्म परिपालन योगम’ के संस्थापक हैं, जबकि नायर सेवा संस्था की स्थापना प्रख्यात समाज सुधारक मन्नाथ पद्मनाभन ने की थी। ये दोनों संगठन अपने-अपने समुदायों के सदस्यों के बीच काफी प्रभावशाली माने जाते हैं।
चांगनाश्शेरी में एनएसएस के महासचिव सुकुमारन नायर ने कहा, ‘‘एकता हकीकत बनेगी।’’ सुकुमारन की घोषणा से कुछ समय पहले एसएनडीपी योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन ने जानकारी दी थी कि उनके बेटे और संगठन के उपाध्यक्ष तुषार वेल्लापल्ली मामले को आगे बढ़ाने के लिए नायर से मुलाकात करेंगे।
एसएनडीपी नेतृत्व की बैठक के बाद नतेसन ने संवाददाताओं से कहा कि संगठन का किसी भी समुदाय के प्रति कोई द्वेष नहीं है और उसका प्रयास नायदी समुदाय (सबसे पिछड़ा वर्ग) से लेकर नस्रानी समुदाय (ईसाई समुदाय) तक सभी की उन्नति सुनिश्चित करना है।
नतेसन हाल ही में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रमुख सहयोगी मुस्लिम लीग के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणियां करने के बाद चर्चा में आए थे। उन्होंने कहा कि जब पार्टी के बारे में कोई टिप्पणी की जाती है, तो उसे मुस्लिम समुदाय के प्रति शत्रुता के रूप में समझा जाता है।
नतेसन ने कहा कि मुस्लिम समुदाय की आलोचना करना एसएनडीपी की प्रवृत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘एसएनडीपी एक ऐसा संगठन है जो सभी समुदायों के साथ समन्वय और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने में विश्वास रखता है।’’
भाषा धीरज मनीषा
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