भुवनेश्वर, 10 मार्च (भाषा) ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण हवाई संपर्क बाधित होने से वहां फंसे राज्य के लाखों लोगों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की कथित “चुप्पी” पर सवाल उठाए हैं।
पटनायक ने दो मार्च को ही राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को संघर्ष क्षेत्र से उड़िया लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए कदम उठाने की सलाह दी थी।
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में हवाई मार्ग बंद हो रहे हैं, उड़ानें रद्द की जा रही हैं और सीमाएं भी बंद हो रही हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ ऐसी कठिन परिस्थितियों में, सभी उड़िया लोगों को सुरक्षित वापस लाना ओडिशा सरकार का कर्तव्य है। हालांकि, सरकार की ओर से कोई तत्परता न दिखाना, त्वरित कदम न उठाना, उनकी स्थिति को और भी बदतर बना रहा है। सरकार इस मामले में चुप क्यों है?’’
बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच फंसे लाखों उड़िया लोगों के डर और चिंता को वे महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों से लेकर छात्रों, पेशेवरों, पर्यटकों और यात्रियों तक सभी लोग बेहद डरे हुए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा में उनके परिवार और प्रियजन भी यहां बैठे हैं और बेसब्री से उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
पटनायक ने कहा कि राज्य सरकार को बड़ी-बड़ी बातें करने के बजाय तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि युद्ध क्षेत्र से सभी उड़िया लोगों को सुरक्षित वापस लाया जा सके। उन्होंने कहा कि त्वरित और समय पर की गयी कार्रवाई से हर उड़िया को भरोसा मिलेगा और कई लोगों की जान बच सकती है।
ईरान और अन्य खाड़ी देशों में फंसे उड़िया लोगों की सटीक संख्या अभी सामने नहीं आई है, लेकिन दुबई(यूएई), दोहा (कतर) और मनामा (बहरीन) में रहने वाले प्रवासी उड़िया लोगों ने अपने परिवारों से संपर्क कर उन्हें अपनी सुरक्षा की जानकारी दी है।
इस बीच, विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, ओडिशा के श्रम और कर्मचारी राज्य बीमा मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने मंगलवार को सदन को सूचित किया कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय (एमईए) की मदद से पिछले दो वर्षों में विभिन्न देशों में कठिनाइयों का सामना कर रहे 158 उड़िया लोगों को वापस लायी है।
भाषा रवि कांत प्रशांत
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