Odisha Naxalites Big Surrender: छत्तीसगढ़ के बाद अब ओड़िशा में भी वांटेड नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता.. ये माओवादी भी है करोड़ो के इनामी
Odisha Naxalites Big Surrender: ओडिशा के कंधमाल में 10 नक्सलियों ने सरेंडर किया, 1.15 करोड़ इनाम था, छत्तीसगढ़ में 108 माओवादी आत्मसमर्पण करेंगे।
Odisha Naxalites Big Surrender || Symbolic (Canva)
- कंधमाल में 10 नक्सलियों ने किया सरेंडर
- 1.15 करोड़ के इनामी थे सभी माओवादी
- छत्तीसगढ़ में 108 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण
Odisha Naxalites Big Surrender: कंधमाल: देशभर से सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे की तारीख 31 मार्च जैसे-जैसे करीब आती जा रही है, जंगलों में भटक रहे माओवादी बाहर आकर सरेंडर कर रहे है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा का है।
नक्सलियों पर था करीब 1.15 करोड़ रुपये का इनाम
दरअसल कंधमाल जिले में 10 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर करीब 1.15 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर के दौरान उन्होंने कई हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपे, जिनमें 12 बोर बंदूक, एसएलआर और इंसास राइफल जैसे हथियार शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सभी से आगे की पूछताछ की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में भी माओवादियों का पुनर्वास जारी
Odisha Naxalites Big Surender: बात करें छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की तो यहां भी नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच आज एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी है कि 108 माओवादी आज जगदलपुर में सरकार के सामने हथियारों सहित आत्मसमर्पण करेंगे। गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन में बताया कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान माओवादियों से 3 करोड़ 61 लाख रुपये नकद और करीब 1 किलो सोना भी जब्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ में बड़ा नक्सल सरेंडर!
मिली जानकारी के मुताबिक दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी (DKSZC) के 108 नक्सली कैडर आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। यह सरेंडर कार्यक्रम पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम जगदलपुर के लालबाग स्थित शौर्य भवन में दोपहर करीब 2 बजे होगा, जहां नक्सली औपचारिक रूप से हथियार डालेंगे। बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से बस्तर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
इन्हें भी पढ़ें:-
- जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अराघची से फोन पर बात की
- ओडिशा में मतदाता सूची के एसआईआर से पहले अधिकारियों का प्रशिक्षण
- गुरुग्राम में निर्माण स्थल पर मिट्टी का टीला ढहने से सात लोगों की मौत; दो गिरफ्तार

Facebook


