ओडिशा: ‘सुभद्रा’ योजना के तहत 45 लाख लाभार्थियों को 3,150 करोड़ रुपये हस्तांतरित

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ओडिशा: 'सुभद्रा' योजना के तहत 45 लाख लाभार्थियों को 3,150 करोड़ रुपये हस्तांतरित

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  • Publish Date - January 22, 2026 / 07:07 PM IST,
    Updated On - January 22, 2026 / 07:07 PM IST

भुवनेश्वर, 22 जनवरी (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बृहस्पतिवार को ‘सुभद्रा’ योजना के तहत 45 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 3,150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की।

उन्होंने इस योजना को ‘स्वतंत्रता के बाद से राज्य की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित कल्याण योजना’ करार दिया।

मुख्यमंत्री ने एक विशेष कार्यक्रम के दौरान ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में 5,000 रुपये प्रति महिला राशि हस्तांतरित की।

उन्होंने बताया कि ‘सुभद्रा’ योजना से राज्य की एक करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की सभी पात्र महिलाओं को दो समान किस्तों में हर साल कुल 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा अपने चुनाव घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार प्रत्येक लाभार्थी को पांच वर्षों की अवधि के दौरान कुल 50,000 रुपये मिलेंगे।

उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने बताया कि बृहस्पतिवार को 5,000 रुपये की राशि प्राप्त करने वाले कुल लगभग 45.7 लाख लाभार्थियों में से 1,78,398 नए नामांकित लाभार्थी थे जिन्हें उनकी पहली किस्त मिली। वहीं, 25,55,265 लाभार्थियों को उनकी दूसरी और तीसरी किस्त जारी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”सुभद्रा योजना’ स्वतंत्रता के बाद से ओडिशा की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित कल्याणकारी योजना है। इस योजना के माध्यम से एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है और राज्य सरकार सीधे उनके खातों में वित्तीय सहायता पहुंचा रही है।’

उन्होंने बताया कि इस योजना की किस्तें आमतौर पर राखी पूर्णिमा (रक्षा बंधन) और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर जारी की जाती हैं।

मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से इस धनराशि का सही ढंग से सदुपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने महिलाओं को अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए मछली पालन और दूध से बने उत्पादों का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 17 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है।

भाषा

प्रचेता नरेश

नरेश